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Saturday, 3 October, 2026
होमरिपोर्टमध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत, दूध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य

मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत, दूध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य

भोपाल में अमित शाह ने डेयरी परियोजनाओं का किया उद्घाटन और भूमिपूजन, 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त बनाने का भी लक्ष्य

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 को गति देने के लिए दूध उत्पादन और डेयरी अधोसंरचना विस्तार का लक्ष्य तय किया गया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश का दैनिक दूध कलेक्शन बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्य प्रदेश के साथ खड़ी है.

शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया. भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, 12.42 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया.

उन्होंने कहा कि गांवों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन दो करोड़ लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है और 12 लाख लीटर दूध समितियों के माध्यम से खरीदा जा रहा है.

कार्यक्रम में पांच गौपालक दीदियों का सम्मान किया गया. वहीं, शाह ने 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य भी दोहराया.

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