लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात क्षमता को दुनिया के सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के पिछले तीन संस्करणों ने प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अब यह केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल’ वाला प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस क्षमता को दुनिया के सामने रखने का प्रभावी मंच है. मुख्यमंत्री ने देश और विदेश में आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें शामिल हो सकें.
बैठक में बताया गया कि इस साल ट्रेड शो की थीम ‘यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स’ रखी गई है. आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 1.50 लाख से ज्यादा पंजीकृत B2B खरीदार और 4.50 लाख से ज्यादा B2C आगंतुकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है.
इसके अलावा 85 देशों से 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने की तैयारी है. ट्रेड शो में 4,000 से अधिक एमओयू, ₹3,200 करोड़ से ज्यादा के प्रस्तावित एमओयू और ₹13,500 करोड़ से ज्यादा की बिजनेस इंक्वायरी का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस समेत अन्य देशों के साथ सक्रिय संवाद कर उनकी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस बार ट्रेड शो में ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रक्षा और एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा और स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा और फर्नीचर समेत 27 से ज्यादा प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा.
इससे उत्तर प्रदेश की अलग-अलग औद्योगिक और आर्थिक क्षमताओं को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा.