लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मेधावी बच्चों के लिए चल रही मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके.
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक हुई. बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए ₹3025.49 करोड़ के बजट सहित किसान कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों के आधुनिकीकरण और पुनरोद्धार के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि किसानों को बेहतर, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से अपनी उपज बेचने की व्यवस्था मिल सके. मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, रोशनी समेत सभी जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.
योगी ने मंडी स्थलों पर पीपीपी मॉडल के तहत कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयां लगाने को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. इसके लिए नियमों को ज्यादा आसान और निवेश के अनुकूल बनाने को कहा गया. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम और मूल्य संवर्धन का लाभ मिल सकेगा. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा मंडियों को ई-नाम यानी राष्ट्रीय कृषि बाजार प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए. उन्होंने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने और हर जिले में ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा.
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित आय-व्यय अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी गई. वर्ष 2026-27 के लिए ₹2228.59 करोड़ की अनुमानित प्राप्तियों और ₹3025.49 करोड़ के खर्च का प्रावधान स्वीकृत किया गया.
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 में ₹1991.33 करोड़ थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹2305.80 करोड़ हो गई. इस तरह मंडी समितियों की आय में 15.79 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
बजट में मंडी स्थलों के निर्माण और विस्तार, संपर्क मार्गों के निर्माण और मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंश आश्रय स्थल, छात्रावास निर्माण, मंडी समितियों के लिए जमीन खरीद और अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है. पहले से मंजूर निर्माण कार्यों को तेजी देने के लिए ₹1212.02 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2030 तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. दोनों योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
इससे दुर्घटना या खेत-खलिहान में आग लगने जैसी स्थिति में किसानों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी.
बैठक में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं को ब्याज मुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई.
बैठक में परिषद के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री ने पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों के पालन की समीक्षा की और सभी किसान हितैषी योजनाओं तथा विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए.