नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे निर्माण अब पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर तकनीक आधारित निगरानी और प्रबंधन की दिशा में पहुंच गया है. योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नेटवर्क विस्तार के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा पर फोकस बढ़ाया गया है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने स्विट्जरलैंड की ईटीएच ज्यूरिख और आरटीडीटी लैबोरेट्रीज एजी के साथ मिलकर एआई और सेंसर तकनीक लागू की है.
नई प्रणाली के तहत सड़क निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है. विशेष सेंसर वाले वाहन एक्सप्रेसवे की सतह, कंपन और ऊंचाई के डेटा को रिकॉर्ड करते हैं. इस डेटा को एआई सॉफ्टवेयर से प्रोसेस कर सड़क को एक्सीलेंट, गुड और पुअर श्रेणियों में बांटा जाता है. इससे खामियों की तुरंत पहचान और सुधार संभव होता है.
साथ ही, एआई आधारित कैमरे ओवरस्पीडिंग और गलत लेन जैसी उल्लंघनों पर नजर रखेंगे. इससे सड़क सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है. गंगा एक्सप्रेसवे सहित कई परियोजनाओं में यह तकनीक लागू की जा चुकी है. यह पहल उत्तर प्रदेश को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ा रही है.