लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम युवाओं के लिए भावुक पल बन गया. कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, आयुष विभाग और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि बिना सिफारिश और बिना किसी भ्रष्टाचार के केवल मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी मिल सकती है.
गाजीपुर के अमित थापा, जिन्हें आईटीआई अनुदेशक के पद पर नियुक्ति पत्र मिला, ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबे समय तक मेहनत की. उन्होंने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही और कहीं भी किसी सिफारिश या गलत तरीके की जरूरत नहीं पड़ी. अमित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था ने युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत किया है.
चंदौली की अर्चना मौर्य ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं में नई उम्मीद जगाई है. पहले ऐसा माना जाता था कि बिना पैसे या प्रभाव के सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल है, लेकिन अब यह सोच बदल रही है.
रायबरेली की डॉ. नेहा स्वरूप, जिनका चयन आवासीय होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर हुआ है, ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही. उन्होंने कहा कि आयुष विभाग में सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है और वह ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करेंगी.
कार्यक्रम में मौजूद सभी चयनित अभ्यर्थियों की बातों में एक समान भावना दिखाई दी कि अब सरकारी भर्तियों में योग्यता और मेहनत को ही आधार बनाया जा रहा है. कई युवाओं ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर जो निराशा और अविश्वास था, वह अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है.