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Thursday, 7 May, 2026
होमदेशऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान की ‘परमाणु धमकी’ की हवा निकाल दी: वाइस एडमिरल एएन प्रमोद

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान की ‘परमाणु धमकी’ की हवा निकाल दी: वाइस एडमिरल एएन प्रमोद

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि यह अभियान भारत के रणनीतिक संकल्प, सैन्य तैयारी और बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता का प्रतीक था.

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जयपुर: नौसेना संचालन महानिदेशक वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखा दिया कि भारत पाकिस्तान के अंदर गहराई तक मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला करने में सक्षम है.

उन्होंने कहा कि इस अभियान ने पाकिस्तान की “परमाणु धमकियों की हवा निकाल दी.”

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि यह अभियान भारत के रणनीतिक संकल्प, सैन्य तैयारी और बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता का प्रतीक था.

उन्होंने कहा, “लंबी दूरी के सटीक हथियारों से पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला कर भारत ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग को बेअसर कर दिया.”

उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देश के नेतृत्व की रणनीतिक सोच को भी दिखाया, जिसने सेना को स्पष्ट निर्देश और पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी.

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व की रणनीतिक सोच को सामने रखा. नेतृत्व ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट और बिना किसी भ्रम वाला लक्ष्य दिया और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के लिए जरूरी ऑपरेशनल आजादी भी दी.”

वाइस एडमिरल प्रमोद ने बताया कि 6-7 मई 2025 की रात किए गए सटीक हमलों में भारतीय नौसेना ने सेना और वायुसेना के साथ मिलकर हिस्सा लिया था.

उन्होंने कहा, “6-7 मई की रात भारतीय नौसेना के जवानों ने भी भारतीय सेना और वायुसेना के साथ मिलकर आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए. इससे तीनों सेनाओं के तालमेल का प्रदर्शन हुआ.”

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती की वजह से पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना को रक्षात्मक स्थिति में जाना पड़ा और वे ज्यादातर अपने बंदरगाहों या तट के आसपास ही सीमित रहे.

उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ा, भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना को रक्षात्मक मुद्रा अपनाने पर मजबूर कर दिया. वे ज्यादातर अपने बंदरगाहों या तटीय इलाकों तक सीमित हो गए.”

वाइस एडमिरल ने ऑपरेशन में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की भूमिका पर भी जोर दिया. उन्होंने ड्रोन, बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली और एंटी-ड्रोन सिस्टम की अहम भूमिका का जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “INS विक्रांत जैसे स्वदेशी युद्धपोतों, कोलकाता और विशाखापत्तनम क्लास डेस्ट्रॉयर के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि भारतीय नौसेना का स्वदेशी क्षमता, ब्लू-वॉटर तैयारी और संयुक्त युद्ध क्षमता पर किया गया निवेश सही दिशा में है.”


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