भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के निपटारे में तेजी लाई है.
विभाग के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है. इससे पात्र परिवारों को उनके अधिकार समय पर मिल सकेंगे.
सरकार ने कर्मचारी कल्याण शिविर भी शुरू किए हैं. इन शिविरों के जरिए शिक्षक और कर्मचारी अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे. इन समस्याओं का जल्द निपटारा करने की व्यवस्था भी की गई है.
शिक्षा विभाग के मुताबिक, दो दिन पहले 251 और अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए गए. इसके साथ ही पिछले 4-5 दिनों में कुल 851 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं.
सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, तकनीक आधारित और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया है. राज्य सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने, शिक्षा में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और शिक्षकों की भूमिका मजबूत करने पर काम कर रही है.
सरकार की योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें, साइकिल, यूनिफॉर्म, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
सरकार ने सांदीपनि स्कूलों के जरिए आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार किया है. शिक्षा विभाग ने प्रवेश और दूसरी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 और स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है.
शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है.
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए जाते हैं.
इसी महीने 1.21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के खातों में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई. इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी.