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Monday, 19 October, 2026
होमरिपोर्टसिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन में 30-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान: CM मोहन यादव

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन में 30-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान: CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए. अब हर महीने तैयारियों की समीक्षा होगी.

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उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं देने, यातायात सुचारू रखने और सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए बेहतर योजना बनाना जरूरी है.

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “आज हमने उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ के विकास कार्यों की समीक्षा की. सिंहस्थ सिर्फ देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मेला है. इसकी बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि उज्जैन आने वाले करीब 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं मिलें. वे बिना किसी परेशानी के पवित्र स्नान कर सकें और दूसरी धार्मिक गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकें.”

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे स्थायी ढांचे तैयार करने पर ध्यान दे रही है, जिनका फायदा सिंहस्थ के बाद भी लोगों को मिलता रहे. तैयारियां उज्जैन जिले, पूरे संभाग और राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं.

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के बढ़ने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 16 गुना बढ़ी है.

यादव ने कहा, “मुझे खुशी है कि पिछले तीन साल में धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 16 गुना बढ़ी है. यह हमारे लिए बहुत संतोष की बात है. 2022 में महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन आने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. अब यह शहर कई दूसरी जगहों के लिए एक उदाहरण बन रहा है.”

उन्होंने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परिवहन, शैक्षणिक संस्थानों, हवाई अड्डे और उससे जुड़ी दूसरी बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिंहस्थ के लिए जरूरी सुविधाओं और कामों की पहचान कर उन्हें मंजूरी देने के निर्देश दिए. उन्होंने घोषणा की कि अब तैयारियों की प्रगति की समीक्षा हर महीने की जाएगी.

यादव ने कहा, “आज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमने शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन सुविधाओं, हवाई अड्डे और उससे जुड़े दूसरे बुनियादी ढांचे के कामों की भी विस्तार से समीक्षा की है. संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर भविष्य के लिए जरूरी सुविधाओं को मंजूरी देने के बाद अब हम हर महीने काम की प्रगति की समीक्षा करेंगे. मैं एक बार फिर इस आयोजन की तैयारी में जुटे सभी लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे अच्छी योजना बनाएं और सभी काम तय समय सीमा में पूरे करें.”

मुख्यमंत्री ने महानवमी और दशहरे के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं.

उन्होंने कहा कि वह खुद और राज्य के दूसरे मंत्री अलग-अलग जगहों पर दशहरा समारोहों और शस्त्र पूजा में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि जब समाज त्योहार मनाता है, तो सरकार को भी इन आयोजनों में शामिल होना चाहिए.

यादव ने कहा, “हमारे राज्य में अलग-अलग जगहों की पुलिस लाइनों में दशहरा मनाया जाता है. जब समाज त्योहार मनाता है, तो सरकार को भी इन आयोजनों का हिस्सा बनना चाहिए. इसी सोच के साथ मैं और सभी मंत्री राज्य में अलग-अलग जगहों पर शस्त्र पूजा में हिस्सा लेंगे.”

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