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Tuesday, 4 August, 2026
होमरिपोर्टकांवड़ यात्रा में बढ़ी महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी, सुरक्षा के भरोसे शिव भक्ति की राह पर नारी शक्ति

कांवड़ यात्रा में बढ़ी महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी, सुरक्षा के भरोसे शिव भक्ति की राह पर नारी शक्ति

जो लंबी कतारें पहले ज्यादातर शिव मंदिरों के अंदर महिला श्रद्धालुओं की दिखाई देती थीं, अब वही तस्वीर कांवड़ यात्रा के रास्तों पर भी नजर आ रही है. महिलाएं समूह में यात्रा कर रही हैं, रास्ते में भजन-कीर्तन कर रही हैं और पूरे उत्साह के साथ भोले बाबा की भक्ति में आगे बढ़ रही हैं.

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प्रयागराज: सावन का महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के गांवों और कस्बों में कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह दिखाई देने लगा है. कंधों पर कांवड़, भगवा कपड़े, ‘बोल बम’ के जयकारे और गंगाजल लेकर श्रद्धालु पैदल लंबी दूरी तय कर शिवालयों की ओर निकल रहे हैं. पहले कांवड़ यात्रा में ज्यादातर पुरुष ही नजर आते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है. प्रयागराज से महिला श्रद्धालुओं की कई टोलियां कांवड़ लेकर काशी और दूसरे शिव मंदिरों की ओर जा रही हैं. इस साल भी महिला कांवड़ियों की संख्या बढ़ती हुई दिखाई दे रही है.

प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं गंगाजल भरती नजर आती हैं. सदियापुर की मीरा देवी हर बार परिवार के आठ सदस्यों के साथ जल लेकर बैजनाथ धाम जाती हैं. उनके साथ बहुएं, बेटी, नातिन और बेटा भी यात्रा में शामिल होते हैं. यानी परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनती हैं.

मीरा देवी का कहना है कि अब कांवड़ यात्रा के रास्तों पर उन्हें किसी तरह की असुरक्षा या परेशानी महसूस नहीं होती. इसी वजह से परिवार की महिलाएं भी बिना डर के यात्रा में शामिल होती हैं. दारागंज की निधि जैसी युवा महिलाएं भी हर साल कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन रही हैं. उनका कहना है कि रास्ते में सुरक्षित माहौल मिलने के कारण उनके गांव और कस्बे की कई दूसरी महिलाएं भी हर सावन कांवड़ यात्रा में शामिल होने लगी हैं.

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की एक बड़ी वजह कांवड़ यात्रा के रास्तों पर सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम भी हैं. प्रयागराज में संगम और गंगा के प्रमुख घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए जाते हैं. घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों की टीमें भी तैनात रहती हैं, ताकि महिला कांवड़िए बिना डर के जल भर सकें और जलाभिषेक की तैयारी कर सकें.

आजीविका मिशन से जुड़ी ‘आपदा सखियां’ भी सावन के दौरान महिला कांवड़ियों की मदद के लिए तैनात रहती हैं. प्रयागराज से वाराणसी के बीच बने कांवड़ मार्ग पर भी अलग-अलग जगहों पर महिला पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक मौजूद रहते हैं. मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव जैसे प्रमुख शिव मंदिरों में भी महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है.

जो लंबी कतारें पहले ज्यादातर शिव मंदिरों के अंदर महिला श्रद्धालुओं की दिखाई देती थीं, अब वही तस्वीर कांवड़ यात्रा के रास्तों पर भी नजर आ रही है. महिलाएं समूह में यात्रा कर रही हैं, रास्ते में भजन-कीर्तन कर रही हैं और पूरे उत्साह के साथ भोले बाबा की भक्ति में आगे बढ़ रही हैं.

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