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Tuesday, 4 August, 2026
होमरिपोर्टराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली: CM योगी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली: CM योगी

योगी ने सपा और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका व्यवहार “अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक” है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में विपक्ष के आचरण ने ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की भावनाओं का भी अपमान किया है.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा गबन के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु-संत की भूमिका सामने नहीं आई है. उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और विपक्ष पर “अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक” तरीके से काम करने का आरोप भी लगाया.

मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली है.”

योगी ने सपा और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका व्यवहार “अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक” है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में विपक्ष के आचरण ने ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की भावनाओं का भी अपमान किया है.

मुख्यमंत्री ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा, “यह समाजवादी पार्टी की सरकार थी, जिसने श्री अयोध्या धाम की गलियों और सरयू की पवित्र धारा को खून से रंगने का पाप किया था.”

उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों पर भी निशाना साधा. योगी ने कहा, “जिन लोगों ने पहले भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं.”

योगी आदित्यनाथ ने आगे आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों दल मिलकर उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने का “नापाक प्रयास” कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के रवैये को “असंवैधानिक ही नहीं, बल्कि शर्मनाक” बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से तय एजेंडे में रुचि नहीं दिखाई और सदन का कीमती समय बर्बाद करने के लिए गैर-जरूरी मुद्दे उठाए.

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने उन्हें भरोसा दिलाया था कि सभी मुद्दों और प्रस्तावों पर चर्चा होगी और सरकार हर बात का जवाब देगी… वे उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.”

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