नई दिल्ली: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल, पद्म भूषण से सम्मानित और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की.
मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी पुष्प अर्पित किए. सभी ने दिशोम गुरु के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके विचारों और आदर्शों को याद किया.
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना पूरा जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया. आज वह हमारे बीच भौतिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और योगदान हमेशा जीवित रहेंगे. झारखंड की पहचान, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ने एक ऐसे झारखंड का सपना देखा था, जहां सभी को समान अधिकार मिले, न्याय मिले और राज्य समृद्ध बने. उनके इस सपने को पूरा करना और उनके बताए रास्ते पर चलते हुए झारखंड का हर क्षेत्र में विकास करना वर्तमान सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. उनके संघर्ष और विचार झारखंड के लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करते रहेंगे.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलन के सभी वीर शहीदों को भी याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया.