हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार पहुंच रहे कांवड़ियों का स्वागत किया. उन्होंने हेलिकॉप्टर से शिवभक्तों पर फूल बरसाए और सम्मान के तौर पर पांच कांवड़ियों के पैर धोए.
मुख्यमंत्री धामी ने अलकनंदा होटल परिसर में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया. उन्होंने कांवड़ियों के लिए की गई चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग राज्यों से आए कांवड़ियों से बातचीत की और श्रद्धालुओं को भोजन भी कराया.
हरिद्वार में कांवड़ स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ करने के साथ ही देवभूमि पधारे कांवड़ियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर शिवभक्तों के चरण धोने के साथ ही उनकी सेवा करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान कांवड़ मेले की स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे… pic.twitter.com/Ab127cpIeO
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 4, 2026
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि देवभूमि आने वाले हर शिवभक्त की यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक हो. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपराओं, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का बड़ा उत्सव भी है. राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर यात्रा को सफल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि भगवान शिव करोड़ों लोगों की आस्था, शक्ति और भक्ति के केंद्र हैं. कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते हैं और “बम-बम भोले” का जयकारा लगाते हुए अपनी अटूट आस्था दिखाते हैं. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है.
धामी ने बताया कि इस साल अब तक एक करोड़ से ज्यादा कांवड़िये पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों को संरक्षित करने और विकसित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं. काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को दुनिया में नई पहचान दे रही हैं.
2013 की केदारनाथ आपदा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण के जरिए केदारनाथ धाम को भव्य और दिव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया गया है. यहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और तीर्थ पुरोहितों के लिए आवास जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यात्रा मार्गों पर CCTV निगरानी, ड्रोन से निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम लगाए गए हैं. उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की.
धामी ने कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा में जुटे पुलिसकर्मियों, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सफाई कर्मचारियों, पर्यावरण मित्रों, NGOs और अन्य कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करना सामूहिक जिम्मेदारी और टीमवर्क से ही संभव है.
मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में बेहतर योगदान के लिए पांच पुलिसकर्मियों और पांच सफाई कर्मचारियों (पर्यावरण मित्रों) को सम्मानित भी किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी फ्रंटलाइन कर्मचारियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए दिन-रात काम करते हैं.