भुवनेश्वर: भारत में India Semiconductor Mission (ISM) के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इनमें कुल 1.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश शामिल है. ओडिशा को इनमें से दो ISM प्रोजेक्ट मिले हैं.
ओडिशा सरकार के मुताबिक, राज्य में 5 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इनमें कुल 10,899 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इनसे 4,500 से ज्यादा सीधे रोजगार और 16,000 से ज्यादा अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है.
इन प्रोजेक्ट में Silicon Carbide (SiC) सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड पैकेजिंग, ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग, मेमोरी मॉड्यूल असेंबली और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), रेलवे, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकता है.
सरकार के अनुसार, SiCSem Pvt. Ltd. ओडिशा में भारत की पहली और एकमात्र ऐसी Silicon Carbide (SiC) सेमीकंडक्टर फैब यूनिट बना रही है, जिसमें पैकेजिंग की सुविधा भी होगी. इससे ओडिशा को नई पीढ़ी के SiC सेमीकंडक्टर निर्माण का केंद्र बनाने की कोशिश है.
इसी तरह Heterogeneous Integration Packaging Solutions (HIPS/3DGS) एडवांस्ड ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग सुविधा स्थापित कर रही है. इस तकनीक का इस्तेमाल दुनियाभर में Artificial Intelligence (AI), High Performance Computing (HPC), एडवांस्ड प्रोसेसर और नई पीढ़ी की सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में बढ़ रहा है.
इसके अलावा RIR Power Electronics को SiC पावर डिवाइस, Sancode Technologies को एडवांस्ड पैकेजिंग और ASP Semicon को मेमोरी मॉड्यूल OSAT ऑपरेशन के लिए निवेश मिला है.
सरकार ने बताया कि RIR Power Electronics ने भुवनेश्वर स्थित अपनी SiC सेमीकंडक्टर यूनिट में Silicon Carbide (SiC) Epitaxial Wafer Manufacturing Reactors की स्थापना और इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया है. कंपनी की योजना ओडिशा में भारत की पहली पूरी तरह एकीकृत SiC सेमीकंडक्टर उत्पादन सुविधा बनाने की है. इस यूनिट में जल्द ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है.
सरकार के मुताबिक, मंजूर प्रोजेक्ट के अलावा ओडिशा में नए निवेश के लिए भी बातचीत चल रही है. Intel-3DGS MoU को एडवांस्ड ग्लास सब्सट्रेट और एडवांस्ड पैकेजिंग में बड़े निवेश में बदलने के लिए बातचीत जारी है. Sancode के साथ एडवांस्ड पैकेजिंग सुविधा के दूसरे चरण पर भी चर्चा चल रही है.
इसके अलावा SiCSem Phase-II में SiC और GaN फैब और पैकेजिंग सुविधा बनाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं. QuadQuantum कच्चे माल के तौर पर SiC Wafers बनाने की सुविधा स्थापित करने की संभावना तलाश रही है.
ओडिशा सरकार ने IIT Bhubaneswar में Indian Design, Semiconductors, Packaging and Systems (IDSPS) कार्यक्रम के तहत “A National Industry Co-Development Hub on Integrated Power Electronics” को भी मंजूरी दी है. इस 452 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को MeitY, ओडिशा सरकार, Anusandhan National Research Foundation (ANRF) और इंडस्ट्री पार्टनर्स मिलकर फंड करेंगे.
इस कार्यक्रम का मकसद रिसर्च, इनोवेशन और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल के बीच की दूरी कम करने के लिए इंडस्ट्री की अगुवाई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना है.
सरकार ओडिशा में करीब 1,000 एकड़ क्षेत्र में राज्य का तीसरा IT पार्क भी विकसित कर रही है.
जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए Semicon 2.0 को मंजूरी दी थी. इसके लिए कुल 1,27,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
ओडिशा सरकार के मुताबिक, राज्य Semicon 2.0 के अनुरूप अपनी Semiconductor Policy में बदलाव करने वाले शुरुआती राज्यों में शामिल है. इसका मकसद ओडिशा को सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, कच्चे माल और उपकरणों के इकोसिस्टम में आगे लाना है.
इसके तहत ISM से मंजूर प्रोजेक्ट के लिए योग्य पूंजीगत खर्च (Capex) पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 25 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसमें सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण, सेमीकंडक्टर-ग्रेड केमिकल, गैस और मटीरियल और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के दूसरे हिस्से शामिल होंगे.
सरकार का कहना है कि इससे ओडिशा में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी. इसके लिए MSME को बढ़ावा दिया जाएगा, स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत की जाएगी, इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए स्किलिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे.
ओडिशा के लिए इसका क्या मतलब?
सरकार के मुताबिक, इसका मतलब सिर्फ एक फैक्ट्री बनाना नहीं है, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार करना है. ऐसी एक बड़ी यूनिट के साथ पूरी सप्लाई चेन विकसित होती है. एक बड़ा निवेश दूसरी कंपनियों और निवेश को आकर्षित करता है और इससे ओडिशा को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने में मदद मिल सकती है.
इससे राज्य के युवाओं के लिए अपने घर के पास हाई-स्किल वाली नौकरियों के मौके बनेंगे. सरकार का कहना है कि सप्लायर और सर्विस से जुड़े इकोसिस्टम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे. ओडिशा के युवाओं को राज्य से बाहर नौकरी करने के बजाय अपने ही राज्य में काम करने का मौका मिलेगा.
राज्य सरकार का संदेश है- “ओडिशा में चिप बनाएं, दुनिया के लिए बनाएं.”
सरकार के मुताबिक, ओडिशा के पास compound semiconductors, advanced packaging और semiconductor ecosystem manufacturing का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता है. राज्य सिर्फ अलग-अलग प्रोजेक्ट लाने के बजाय पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है.
ओडिशा सरकार ने कहा कि वह टेक्नोलॉजी के भविष्य को बनाने के लिए दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों, इनोवेटर्स, निवेशकों और उद्यमियों के साथ काम करने को तैयार है. सरकार ने कहा कि ओडिशा सिर्फ निवेश के लिए अनुकूल नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी के लिए भी अनुकूल राज्य है.
सरकार का संदेश है- “Come Build IT Here. Build IT in Odisha.”
“From Mines to Minds: Odisha is becoming India’s Newest Chip-and-Data Frontier”
ओडिशा सरकार ने ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई कंपनी भविष्य की टेक्नोलॉजी बनाने के लिए सही जगह तलाश रही है, तो ओडिशा उसके लिए एक विकल्प है.
“क्योंकि यही समय है. सही समय है.”