भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई. राज्य के विकास से जुड़े 5,960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई. साथ ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया.
कैबिनेट ने इन दोनों योजनाओं के संचालन के लिए 1,740.57 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित और विधवा या परित्यक्ता महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की सहायता दी जाती है. वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1.72 लाख से अधिक हितग्राहियों को 989.80 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है.
छात्रों की शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 75 माध्यमिक स्कूलों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. यह प्रक्रिया वर्ष 2026-27 में शुरू होगी और अगले दो वर्षों तक भी जारी रहेगी.
विद्यालयों के उन्नयन के लिए 635.24 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है. स्कूलों की दूरी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है.
कैबिनेट ने किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालिक फसल ऋण योजना की शर्तों को मंजूरी दी है. अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि की जगह वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू होगी.
पहली बार ऋण लेने की तारीख से 12 महीने की अवधि तय की जाएगी. समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा. राज्य में यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है और 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता.
कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है. इसके लिए 17 नए पद सृजित किए जाएंगे और 2.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
यह फैसला बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार लिया गया है, जिसके तहत विधि पाठ्यक्रम को अलग कॉलेज के रूप में संचालित करना जरूरी है.
कैबिनेट ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 3,580.07 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह राशि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए स्वीकृत की गई है.
इसके अलावा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्यों के लिए केंद्रांश पर देय एसजीएसटी राशि राज्य सरकार द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में देने का फैसला भी लिया गया.