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Friday, 7 August, 2026
होमरिपोर्ट2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य में बड़ी भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश: सीएम यादव

2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य में बड़ी भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश: सीएम यादव

सम्मेलन में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के जरिए शिवाजी स्टेडियम पहुंचे.

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नई दिल्ली/भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है और वर्ष 2030 तक भारत के 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने यह बात दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में कही.

सम्मेलन में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के जरिए शिवाजी स्टेडियम पहुंचे. उन्होंने कहा कि मेट्रो से यात्रा कर स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया है. दिल्ली मेट्रो बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है.

सम्मेलन में मध्यप्रदेश ने अपनी हरित ऊर्जा परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं का प्रेजेंटेशन भी दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावॉट हो गई है, जो करीब 25 गुना वृद्धि है. पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज और बायोमास से जुड़ी नई नीतियां लागू की हैं.

उन्होंने कहा कि 750 मेगावॉट की रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित बिजली से भी कम किया. वहीं 1,500 मेगावॉट की आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ हासिल हुआ है. इस परियोजना से भारतीय रेलवे को आठ राज्यों में हरित ऊर्जा मिल रही है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि 278 मेगावॉट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. उन्होंने कहा कि ‘सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना’ के तहत करीब 14,900 मेगावॉट क्षमता के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें किसानों और एमएसएमई की अच्छी भागीदारी रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है. मुरैना में 440 मेगावॉट सौर ऊर्जा और 880 मेगावॉट-घंटा बैटरी स्टोरेज परियोजना विकसित की जा रही है. इसके अलावा 4 घंटे, 6 घंटे और 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराने वाली ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी काम जारी है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि रूफटॉप सोलर योजना के तहत 1,300 सरकारी भवनों पर 48 मेगावॉट क्षमता विकसित की जा रही है. वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के करीब 1.5 लाख घरों में 566 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं.

सम्मेलन में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द ही 300 गीगावॉट स्थापित गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता का आंकड़ा पार करेगा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों ने नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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