scorecardresearch
Sunday, 10 May, 2026
होमरिपोर्टमध्यप्रदेश बना वन्यजीव संरक्षण का मॉडल, कूनो में छोड़ी जाएंगी दो मादा चीते

मध्यप्रदेश बना वन्यजीव संरक्षण का मॉडल, कूनो में छोड़ी जाएंगी दो मादा चीते

सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में टाइगर रिजर्व, चीता परियोजना और संरक्षण अभियानों को मिली नई रफ्तार

Text Size:

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिल रही है. मुख्यमंत्री 10 और 11 मई को श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के दौरे पर रहेंगे, जहां वे बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को वन क्षेत्र में मुक्त करेंगे. राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को पर्यावरण के साथ पर्यटन, संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर आगे बढ़ा रही है.

मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. यादव ने कई बड़े फैसले लिए हैं. रातापानी को प्रदेश का नया टाइगर रिजर्व घोषित किया गया, जबकि माधव टाइगर रिजर्व में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है. कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़कर 57 तक पहुंच गई है और इसे अब ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है.

प्रदेश में गिद्ध संरक्षण अभियान भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. राज्य में 14 हजार से अधिक गिद्ध मौजूद हैं. इसके अलावा ताप्ती क्षेत्र को पहला कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किया गया है. सरकार हाथी संरक्षण, मगरमच्छ पुनर्वास और टाइगर कॉरिडोर परियोजनाओं पर भी काम कर रही है. वन्यजीव संरक्षण से इको-टूरिज्म और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिला है.

share & View comments