नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था और जनशिकायत निस्तारण को मजबूत करने के लिए आईजीआरएस प्रणाली लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है. अप्रैल माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में रामपुर ने 140 में से 138 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. पीलीभीत 137 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि श्रावस्ती और अमेठी ने 136-136 अंक पाकर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया.
आईजीआरएस के माध्यम से प्रदेश के 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर महीने समीक्षा की जाती है. इसमें राजस्व कार्य, विकास परियोजनाएं और जनशिकायतों के निस्तारण को प्रमुख आधार बनाया जाता है.
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों और शिकायतों के निस्तारण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है. रामपुर लगातार चौथे महीने पहले स्थान पर बना हुआ है.
पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं. हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूं, बाराबंकी और बलिया भी टॉप-10 जिलों में शामिल रहे.