नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है. प्रशासन जल्द ही इस पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेगा. करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल करते हुए तैयार योजना में 45 लाख की अनुमानित आबादी के लिए विकास का खाका तैयार किया गया है.
ड्राफ्ट के चार प्रमुख स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख विकास और आत्मनिर्भर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है. भोजताल, वन क्षेत्रों, पहाड़ियों, जलाशयों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है.
योजना में करीब 3,000 हेक्टेयर भूमि ग्रोथ कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित है. 51 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर एयरपोर्ट, EKAI सिटी, लॉजिस्टिक क्षेत्र और विभिन्न उपनगरों को जोड़ेगा. यहां मिश्रित भूमि उपयोग, उच्च घनत्व विकास और रोजगार आधारित गतिविधियों का प्रस्ताव है.
भोपाल में हरित क्षेत्र को मास्टर प्लान 2005 के करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 की योजना में लगभग 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा ग्रीन और हेरिटेज TDR, TOD, डिजिटल ट्विन सिटी, पार्किंग सुविधाओं और पुनर्विकास को भी योजना में जगह दी गई है.