देवघर (झारखंड): झारखंड के देवघर जिले में एक महीने तक चलने वाला श्रावणी मेला बुधवार से शुरू हो गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बिहार सीमा पर स्थित दुम्मा के कांवरिया पथ पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ इस प्रसिद्ध मेले का उद्घाटन किया.
हिंदू कैलेंडर के श्रावण महीने में देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु देवघर आते हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद वे दुमका स्थित बाबा बासुकीनाथ धाम में भी दर्शन करते हैं.
सुदिव्य कुमार ने कहा, “एक महीने का श्रावणी मेला आज से शुरू हो गया है. हम सभी श्रद्धालुओं का दिल से स्वागत करते हैं. देवघर प्रशासन और झारखंड की जनता की ओर से हम भरोसा दिलाते हैं कि श्रद्धालुओं के लिए हर संभव बेहतर व्यवस्था की गई है, ताकि यहां से जाते समय वे झारखंड की अच्छी यादें अपने साथ लेकर जाएं.”
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि श्रावणी मेला सिर्फ आस्था का बड़ा पर्व नहीं है, बल्कि सेवा और समर्पण का भी प्रतीक है. राज्य सरकार लगातार काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, साफ-सफाई और सुविधाएं बेहतर रहें और इस बार का मेला पहले से ज्यादा व्यवस्थित और भव्य बने.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एआई आधारित ड्रोन, फेस रिकग्निशन कैमरे और 11,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
इस मेले में 35 से 40 लाख लोगों के आने की संभावना है. मेला 28 अगस्त को खत्म होगा.
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने कहा, “देवघर शहर और आसपास 100 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं. हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. हवाई निगरानी के लिए एआई आधारित ड्रोन का इस्तेमाल होगा. मंदिर और उसके आसपास एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे भी लगाए गए हैं.”
उन्होंने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर और उसके आसपास 1,200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
उन्होंने कहा, “हम एआई से जुड़े उपकरणों के जरिए हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं. मेले के लिए एआई आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया है. जानकारी, फीडबैक और हेल्पलाइन के लिए चैटबॉट शुरू किया गया है. एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है. अलग-अलग जगहों पर हाई क्वालिटी एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं.”
उन्होंने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर और उसकी बम डिटेक्शन और डिस्पोजल टीम भी तैनात की गई है.
इसके अलावा शिवगंगा तालाब पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी तैनात की गई हैं.