scorecardresearch
Tuesday, 19 May, 2026
होमरिपोर्टयूपी में ‘जल सारथी’ ऐप से जल जीवन मिशन हुआ हाईटेक, गांव-गांव पहुंच रही लाइव मॉनिटरिंग

यूपी में ‘जल सारथी’ ऐप से जल जीवन मिशन हुआ हाईटेक, गांव-गांव पहुंच रही लाइव मॉनिटरिंग

उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की इस डिजिटल पहल से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल रही है.

Text Size:

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल जीवन मिशन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रही है. इस ऐप के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजनाओं की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो गई है.

उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की इस डिजिटल पहल से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल रही है.

विशेष सचिव एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसडब्ल्यूएसडी, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग प्रभास कुमार ने बताया कि ‘जल सारथी’ ऐप के जरिए कोई भी व्यक्ति परियोजनाओं का लाइव अपडेट देख सकता है. मल्टी लेवल डैशबोर्ड के माध्यम से राज्य से लेकर गांव स्तर तक हो रहे काम की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है.

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों में लगभग 40 हजार परियोजनाओं के जरिए हर घर जलापूर्ति की योजना चल रही है. इन सभी परियोजनाओं को ऐप से ऑनलाइन जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी स्थिति की जानकारी लगातार मिलती रहे.

ऐप में राज्य, जिला और गांव स्तर के अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं. किसी गांव में पानी की टंकी, पाइपलाइन या घरेलू नल कनेक्शन का काम पूरा होते ही उसकी जानकारी ऐप पर अपडेट हो जाती है. इन सभी को जियो टैगिंग से जोड़ा गया है.

इससे कोई भी नागरिक अपने गांव में चल रही योजना की लाइव स्थिति देख सकता है. विभाग भी पानी के स्रोत से लेकर घरों में लगे नलों तक पूरी मॉनिटरिंग कर पा रहा है. साथ ही पाइपलाइन, मोटर और टंकी जैसी संपत्तियों के संचालन पर भी नजर रखी जा रही है.

ऐप के जरिए ग्रामीण नल कनेक्शन के लिए आवेदन भी कर सकते हैं. जल आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी गई है.

ग्रामीणों को प्लंबर, ग्राम प्रधान और जल निगम अधिकारियों के फोन नंबर भी ऐप पर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि लोगों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें.

ऐप के जरिए पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क मरम्मत की जानकारी भी देखी जा सकती है. विभाग के मुताबिक मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए प्रदेश में करीब 2 लाख किलोमीटर सड़कें खोदी गई थीं, जिनमें से 1.94 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है.

ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी बड़ी समस्या रही है. ऐसे में सिर्फ पानी पहुंचाना ही नहीं, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता है.

इसके लिए फील्ड टेस्ट किट के जरिए गांव स्तर पर पानी की जांच की जा रही है. यह जिम्मेदारी स्थानीय महिलाओं को दी गई है. इन महिलाओं की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनकी जवाबदेही तय हो सके और ग्रामीण भी उनकी पुष्टि कर सकें.

share & View comments