लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को नई गति देने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी और इन्वेस्ट इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में राज्य में नए निवेश अवसरों की पहचान करने और दोनों संस्थाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई.
बैठक में इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी निवृत्ति राय मौजूद रहीं. चर्चा का मुख्य उद्देश्य निवेश संवर्धन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को तलाशना और निवेश परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारना था.
बैठक के दौरान विशेष रूप से एफडीआई को आकर्षित करने और निवेश प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के लिए संयुक्त रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया. दोनों संस्थाओं ने अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई.
निवृत्ति राय ने राष्ट्रीय निवेश परिदृश्य, विभिन्न राज्यों में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति और निवेश संवर्धन से जुड़े नए रुझानों पर विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अपनाई जा सकने वाली रणनीतियों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की.
बैठक में निवेशकों तक प्रभावी पहुंच बनाने, निवेश सुविधा तंत्र को मजबूत करने और राज्य व राष्ट्रीय निवेश संवर्धन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई. दोनों संस्थाओं ने निवेशकों के साथ मजबूत संवाद, परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और सहज निवेश अनुभव सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.
बैठक में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रेरणा शर्मा, शशांक चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
अधिकारियों के अनुसार, इन्वेस्ट इंडिया और इन्वेस्ट यूपी के बीच यह सहयोग उत्तर प्रदेश के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेगा तथा राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और विकास को नई गति प्रदान करेगा. साथ ही, यह पहल उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मददगार साबित होगी.