लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के 75 जिलों के 1183 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई. परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पारदर्शी तथा सुव्यवस्थित रही.
भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था. इनमें 19,62,561 पुरुष (67.99 प्रतिशत) और 9,24,237 महिला अभ्यर्थी (32.01 प्रतिशत) शामिल थीं. तीन दिन चली परीक्षा में कुल 21,92,236 अभ्यर्थी शामिल हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है.
बोर्ड ने बताया कि परीक्षा के दौरान ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन, तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए नकल, प्रतिरूपण और अफवाह फैलाने की कोशिशों पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया.
गौतमबुद्ध नगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी अंकित कुमार की ई-केवाईसी में गड़बड़ी मिलने पर जांच की गई. जांच में सामने आया कि वह फर्जी आधार कार्ड के जरिए परीक्षा दे रहा था. इस मामले में थाना दादरी में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
इसी तरह अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कॉलेज केंद्र पर एक अभ्यर्थी दूसरे उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया. बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
भर्ती बोर्ड के व्हाट्सएप नंबर 9454457951 पर मिली शिकायतों के आधार पर सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़े भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. यूट्यूब चैनल “Shubham Mittal” और कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ हुसैनगंज थाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इन पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.
कानपुर नगर के लालू प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी एक अभ्यर्थी को संदेह के आधार पर रोका गया. जांच में उसके द्वारा फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है. मामले की जांच जारी है.
भर्ती बोर्ड के अनुसार अब तक परीक्षा से जुड़े कुल 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. बोर्ड ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, प्रतिरूपण, दस्तावेजों की जालसाजी और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
बोर्ड ने परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया को आगे भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.