नई दिल्ली: केंद्र में 12 साल पूरे होने का जश्न मना रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई दिल्ली में हुई अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सामूहिक जीत” का संदेश दिया. साथ ही भविष्य का रोडमैप भी रखा, जिसमें परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने से लेकर राज्यों के बीच यह प्रतिस्पर्धा पैदा करने की बात शामिल थी कि कौन सबसे पहले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा.
यह बैठक ऐसे समय हुई जब प्रधानमंत्री मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से आगे निकल गए हैं.
बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने एनडीए सहयोगियों का आभार जताया. एनडीए ने उनके 12 साल के कार्यकाल और लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की उपलब्धि पर एक प्रस्ताव भी पारित कर उनकी सराहना की.
मोदी ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि सभी सहयोगियों की सामूहिक जीत है.
उन्होंने कहा कि देश पार्टी से बड़ा है और जब सरकार “राष्ट्र प्रथम” की भावना से काम करती है तो कोई भी फैसला मुश्किल नहीं होता.
मोदी ने कहा, “पहले सरकारें अनुच्छेद 370 पर चर्चा करने से भी डरती थीं. हमने इसे हटाया और पूरे देश में एक संविधान लागू किया. पहले पूर्वोत्तर में बम, बंदूक और नाकेबंदी आम बात थी. हमने वहां शांति और स्थिरता स्थापित की. पहले भारत आतंकी हमलों के बाद चुपचाप सहता था. हमने आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की.”
उन्होंने कहा कि दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की ताकत भी देखी.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “पहले माना जाता था कि नक्सलवाद और माओवाद कभी खत्म नहीं हो सकते. हमने देश को नक्सलवाद और माओवाद के जहर से मुक्त किया. महिलाओं को आरक्षण, तीन तलाक के खिलाफ कानून, सीएए, भारतीय दंड संहिता में बदलाव और सैनिकों के लिए वन रैंक-वन पेंशन जैसे फैसले लिए गए. एनडीए सरकार ने राष्ट्रीय हित में कोई भी कदम उठाने से परहेज नहीं किया और हम सभी को इस पर गर्व है.”
मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि ये सफलताएं वैश्विक अस्थिरता और उथल-पुथल के दौर में हासिल की गईं. उन्होंने कहा कि यह एक स्थिर सरकार के फायदों का प्रमाण है.
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को जल्द से जल्द 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करना होगा.
उन्होंने कहा, “सौर ऊर्जा पर तेजी से काम हो रहा है, लेकिन अब हमें परमाणु ऊर्जा के लक्ष्यों को भी तेजी से हासिल करना होगा. हमने दुनिया को दिखाया है कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में भारत कितना आगे बढ़ चुका है. यह तकनीक हमें परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाएगी. भारत ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. आने वाले समय में ये तकनीकें भारत को वैश्विक हरित ऊर्जा मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएंगी.”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश के नागरिक ‘मेड इन इंडिया’ नागरिक विमान (सिविल एयरक्राफ्ट) में यात्रा करेंगे.
मोदी ने राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा की भी बात की. उन्होंने कहा कि यह स्वस्थ मुकाबला होना चाहिए कि कौन सा राज्य सबसे पहले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनता है और कौन सा शहर इनोवेशन का सबसे बड़ा केंद्र बनता है.
‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार की नीतियों की वजह से पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. उन्होंने कहा कि देश की जनता ने “कांग्रेस के विश्वासघात के बाद” एनडीए पर भरोसा जताया.
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जो लोग कल तक गरीब थे और अब ‘नियो मिडिल क्लास’ बने हैं, उन्हें फिर से गरीबी में नहीं जाने देना चाहिए. इसलिए सरकार और जनप्रतिनिधियों के रूप में हमें दिन-रात काम करना होगा. 140 करोड़ देशवासियों ने हम पर जो भरोसा जताया है, उसे पूरा करने के लिए हमने पूरी ताकत लगा दी है. हमें भारत के युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग और किसानों की आकांक्षाओं को पूरा करना है.”
उन्होंने NDA के 12 साल के कार्यकाल को देश के “कांग्रेस की चालों के जाल से बाहर निकलने” का दौर बताया. उनका आरोप था कि कांग्रेस ने देश को यह विश्वास दिला दिया था कि तेज विकास और प्रगति संभव ही नहीं है.
उन्होंने कहा, “उन्होंने बहुत चालाकी से इसे ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहा…यह दाग देश की बड़ी हिंदू आबादी पर लगाया गया, जबकि इसे ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था.”
प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डों की संख्या, देश में मेट्रो नेटवर्क और रक्षा निर्यात समेत कई क्षेत्रों में हुई बढ़ोतरी की तुलना की. उन्होंने कहा कि भारत अब डिजिटल लेन-देन में दुनिया का “नंबर वन देश” बन चुका है.
उन्होंने कहा, “2014 में भारत अपनी जरूरत के ज्यादातर मोबाइल फोन आयात करता था. आज भारत में 33 करोड़ से ज्यादा मोबाइल हैंडसेट का निर्माण हो रहा है. 2014 में सौर ऊर्जा क्षमता केवल 2.5 गीगावॉट थी, जो आज 150 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है. 2014 में एथेनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ 1.5 प्रतिशत थी, जबकि आज यह 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है. 2014 में देश में एक भी सेमीकंडक्टर यूनिट नहीं थी, जबकि आज 10 से ज्यादा सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माणाधीन हैं, जो भारत को आधुनिकता की ओर तेजी से ले जा रही हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “सवाल यह है कि अगर 12 साल में इतना कुछ हो सकता है, तो इससे पहले के दशकों में ऐसा क्यों नहीं हुआ? यही कांग्रेस काल के ग्रोथ रेट और NDA काल के ग्रोथ रेट का अंतर दिखाता है.”
मध्यम वर्ग के लिए संदेश
देश के मध्यम वर्ग को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले मध्यम वर्ग अक्सर कानूनी और सरकारी प्रक्रियाओं की उलझनों का सबसे ज्यादा बोझ उठाता था.
उन्होंने कहा, “लेकिन हमने मध्यम वर्ग की परेशानियों और आकांक्षाओं को समझा. इसी वजह से आज 12 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स-फ्री है. देश में अब एक सरल कर व्यवस्था है और मजबूत बुनियादी ढांचे ने लोगों का जीवन आसान बनाया है. पिछले 12 वर्षों में मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए कई नए क्षेत्रों में अवसर पैदा हुए हैं. सरकार मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को पूरा करने में भी मदद कर रही है.”
प्रधानमंत्री ने इस दौरान आयुष्मान भारत योजना और GST सुधारों जैसी कई अन्य सरकारी पहलों का भी उल्लेख किया.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)