scorecardresearch
Friday, 10 July, 2026
होमरिपोर्टउत्तर प्रदेश में ईवी नीति का असर, सब्सिडी आवेदनों में 241 प्रतिशत की बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश में ईवी नीति का असर, सब्सिडी आवेदनों में 241 प्रतिशत की बढ़ोतरी

योगी सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति से बढ़ा भरोसा, यूपी की राष्ट्रीय ईवी बिक्री में हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक पहुंची

Text Size:

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले 241 प्रतिशत अधिक ईवी सब्सिडी आवेदन स्वीकृत हुए हैं. वहीं देशभर में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे जल्द ही 30 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

यूपी परिवहन विभाग की ईवी सब्सिडी योजना के तहत अब तक 86,489 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, जिसमें 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है. लगातार बढ़ते पंजीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और डिजिटल सब्सिडी व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख ईवी राज्यों में शामिल कर दिया है.

परिवहन विभाग के अनुसार 19 जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 तक दोपहिया, चार पहिया, ई-बस और ई-गुड्स कैरियर श्रेणी में 15,091 आवेदन स्वीकृत हुए थे. वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह संख्या 13,950 रही, जबकि 2025-26 में बढ़कर 47,514 पहुंच गई.

अब तक 61,417 दोपहिया ईवी, 24,959 चारपहिया ईवी, 104 ई-गुड्स कैरियर और 9 ई-बसों के लिए सब्सिडी आवेदन स्वीकृत हुए हैं. नीति आयोग की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार देश में बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में यूपी की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत है.

प्रदेश में 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं. सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 2,316 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं, जिनमें 540 फास्ट चार्जर और 1,776 स्लो चार्जर शामिल हैं. भविष्य की मांग को देखते हुए करीब 38 हजार चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत का अनुमान है.

यूपीआरईवी के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर एक्सप्रेसवे, प्रमुख शहरों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर नए चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं. ईवी सब्सिडी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है. upevsubsidy.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित हो रही है. स्वीकृति के बाद सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है.

share & View comments