गुरुग्राम: अर्चिता सारंगी, यशस्विनी राजे सिंह, दिबिसा महंत और अब मोहित चौधरी में क्या समानता है? इन तीनों की तरह मोहित ने भी दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान जेन ज़ी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था.
मोहित ने खुद यह बात बताई है. भिवानी-महेंद्रगढ़ के बीजेपी सांसद चौधरी धर्मबीर के बेटे मोहित बीजेपी और एनडीए नेताओं के उन बच्चों की सूची में सबसे नए नाम हैं, जो अपने माता-पिता की पहचान से अलग हटकर नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर हो रहे प्रदर्शनों से जुड़े.
मोहित ने एक वीडियो में बताया कि वह टोपी और मास्क पहनकर जंतर मंतर गए थे. वह नहीं चाहते थे कि लोग उन्हें मौजूदा बीजेपी सांसद का बेटा पहचानें.
भुवनेश्वर की बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता ने छात्रों के समर्थन में संदेश पोस्ट किए थे. असम गण परिषद (AGP) के मंत्री केशब महंत की बेटी दिबिसा को गुवाहाटी की सड़कों पर सरकार के खिलाफ पोस्टर पकड़े हुए देखा गया था. उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं.
हालांकि, मोहित के मामले में बुधवार को हांसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनके जंतर मंतर जाने को लेकर सबसे ज्यादा जानकारी सामने आई.
एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें धर्म सेना युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि देश के लिए जो भी अच्छा हो, उसका समर्थन किया जाना चाहिए. वह कहते हैं कि नीट का पेपर लीक हुआ था और युवाओं को इसे लेकर चिंताएं थीं.
लेकिन साथ ही उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई करने और बिना फीस के दोबारा नीट परीक्षा कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी श्रेय दिया.
मोहित ने दिप्रिंट से पुष्टि की कि वह प्रदर्शन वाली जगह पर गए थे और उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताई.
उन्होंने फोन पर कहा, “जंतर मंतर हमारे दिल्ली वाले घर से एक किलोमीटर से थोड़ा ज्यादा दूर है. जब प्रदर्शन चल रहे थे और सड़कों को बंद किया जा रहा था, तो हमारे अपने स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हो रही थी. बीजेपी सांसद का बेटा होने के नाते मेरा कर्तव्य था कि मैं प्रदर्शन की असल स्थिति देखूं और इसकी जानकारी अपने पिता को दूं, ताकि वह इस मुद्दे को अपनी पार्टी के नेताओं के सामने उठा सकें, क्योंकि उस समय संसद का सत्र चल रहा था.”
उन्होंने कहा कि उस समय के अलावा भी प्रदर्शन के बारे में खुद जाकर जानकारी लेना जरूरी था. उन्होंने बताया कि वह अक्सर अपने पिता के लोकसभा क्षेत्र में वोट मांगने के लिए प्रचार करते हैं और अगर वहां के लोग प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछें तो उन्हें उनका जवाब देने में सक्षम होना चाहिए.
उन्होंने बताया, “अगर मैं अपनी पहचान छिपाए बिना वहां गया होता, तो जब प्रदर्शनकारियों को पता चलता कि मैं बीजेपी सांसद का बेटा हूं, तो स्थिति खराब हो सकती थी.”
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों को लेकर उनकी राय मिली-जुली थी. उनके मुताबिक, कुछ लोगों की नीयत अच्छी थी, लेकिन कुछ लोग, उनके शब्दों में, सिर्फ ‘गालीबाज’ थे — यानी किसी वास्तविक मांग को उठाने के बजाय सिर्फ गालियां देने के लिए वहां थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने जो देखा, उसकी जानकारी अपने पिता को दी. उनके पिता ने उनकी बात सुनी और उनका मानना है कि उनके पिता ने यह मामला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने जरूर उठाया होगा.
दिप्रिंट ने फोन पर संपर्क किया तो बीजेपी के राज्य प्रवक्ता संजय शर्मा ने मोहित के जंतर मंतर जाने का बचाव किया.
उन्होंने कहा कि मोहित एक कार्यकर्ता के तौर पर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे. उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी के किसी नेता का बेटा या बेटी, या पार्टी का कोई अन्य समर्थक, वहां क्या हो रहा है यह समझने के अच्छे इरादे से प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर जाता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है.”
इससे पहले, हरियाणा बीजेपी की प्रदेश इकाई की प्रमुख अर्चना गुप्ता ने कुछ प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादी’ तक कह दिया था. हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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