हरिद्वार: महाकुंभ 2027 की तैयारियों के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ रुपये की चार बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
इन परियोजनाओं में 43.25 करोड़ रुपये की एडमिनिस्ट्रेटिव रोड कॉरिडोर डेवलपमेंट परियोजना, 66.76 करोड़ रुपये से हर की पौड़ी और सुभाष घाट का पुनर्विकास, 66.34 करोड़ रुपये से हर की पौड़ी के उत्तरी क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और 58.84 करोड़ रुपये से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनर्विकास शामिल है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य महाकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करना है. उन्होंने अधिकारियों को सभी काम तय समय में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए.
हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियों के संबंध में आहूत समीक्षा बैठक में अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों, घाटों, पुलों एवं प्रमुख मार्गों पर… pic.twitter.com/t7NhcuJbXe
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 21, 2026
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सिर्फ शिलान्यास नहीं करती, बल्कि परियोजनाओं को समय पर पूरा भी करती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत कर रहा है और उत्तराखंड में भी हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, केदारखंड मंदिर सर्किट, मानसखंड मंदिर सर्किट, शारदा कॉरिडोर, गोलू देवता कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम चल रहा है.
उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2027 को अब तक का सबसे भव्य, दिव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है. इसके लिए नए घाट, पुल, सड़कों का चौड़ीकरण, ट्रैफिक सिस्टम का आधुनिकीकरण, हेलिपोर्ट, पॉड टैक्सी और हर की पौड़ी को चंडी देवी व मनसा देवी मंदिर से जोड़ने वाली रोपवे परियोजना पर भी तेजी से काम हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रा मार्ग का भी स्थायी और आधुनिक विकास कर रही है, ताकि हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है और 34 हजार से ज्यादा युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरियां दी गई हैं.