नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के थानों स्थित लेखक गांव में आयोजित लेखक गाँव अंतरराष्ट्रीय महोत्सव-2026 के समापन समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने ‘धरती का स्वर्ग उत्तराखंड’ पत्रिका और ‘देवभूमि का काव्य पुष्प’ पुस्तिका का विमोचन किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ उत्तराखंड को साहित्यिक मानचित्र पर नई पहचान दिला रहा है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनकी लेखनी ने शब्दों को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया.
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत समृद्ध रही है. राज्य सरकार साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे पुरस्कारों से सम्मानित कर रही है. हिंदी समेत स्थानीय भाषाओं में पुस्तकों के प्रकाशन के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि राज्य में दो साहित्य ग्राम विकसित किए जा रहे हैं. यहां साहित्यकारों के लिए आवास, आधुनिक पुस्तकालय, संगोष्ठी कक्ष और अध्ययन स्थल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. सरकार उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ बिखरी साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए भी काम कर रही है.
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ा है.