नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए लगातार सातवें वर्ष भी बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी प्रदेश में वही बिजली दरें लागू रहेंगी, जो पिछले सात वर्षों से प्रभावी हैं. सरकार का कहना है कि इस दौरान बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिला है.
सरकार ने इसे उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण फैसला बताते हुए कहा कि बिजली दरों को स्थिर रखने के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में भी लगातार सुधार किया गया है. शहरों से लेकर गांवों तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं. सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर शहर, गांव, सड़क और गली तक 24 घंटे बिजली पहुंचाना है.
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गर्मी के मौसम के दौरान 32,673 मेगावाट की अधिकतम बिजली आपूर्ति दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड स्तर की बिजली आपूर्ति के बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला और बिजली दरें यथावत रखने का निर्णय लिया है.