नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना और औद्योगिक शांति बनाए रखना था.
जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां उद्योग संचालन और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन के नियमों का पूर्ण पालन करें और अपने कार्मिकों एवं श्रमिकों के माध्यम से औद्योगिक शांति बनाए रखें. किसी भी प्रकार के उपद्रव या नियम उल्लंघन की स्थिति में एजेंसी को जिम्मेदार मानते हुए ब्लैकलिस्ट और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए क्रमशः 13,690, 15,059 और 16,868 रुपये मासिक वेतन निर्धारित है. सभी भुगतान बैंक खातों में सीधे किए जाने चाहिए.
जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं और औद्योगिक शांति से ही विकास संभव है. बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
