देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग-अलग आपदा प्रबंधन प्लान तैयार करेगी. इसका उद्देश्य आपात स्थिति में छात्रों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा और तैयारी को मजबूत करना है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के निर्देश पर शुक्रवार को इस संबंध में बैठक हुई. इसमें हर स्कूल की स्थानीय भौगोलिक स्थिति और संभावित खतरों के आधार पर प्लान तैयार करने का फैसला लिया गया.
प्लान में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, भारी बारिश, बर्फबारी, हिमस्खलन और आग जैसी आपदाओं को शामिल किया जाएगा. स्कूलों में सुरक्षित निकासी के रास्ते, सुरक्षित स्थान और असेंबली पॉइंट तय किए जाएंगे.
प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य स्टाफ की जिम्मेदारियां तय होंगी. स्कूलों में फर्स्ट एड किट और जरूरी बचाव उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. छात्रों और स्टाफ को भूकंप, आग और दूसरी आपदाओं से बचाव की ट्रेनिंग दी जाएगी और समय-समय पर मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी.
दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी. स्कूलों में चेतावनी, निकासी, फर्स्ट एड, फायर सेफ्टी, सर्च एंड रेस्क्यू और सहायता के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी. आपात स्थिति में स्कूल और अभिभावकों के बीच संपर्क व्यवस्था भी तैयार की जाएगी.