हल्द्वानी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहने संबंधी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और प्रदेश के सम्मान का मुद्दा उठाया.
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को बचाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है.
धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और भू-कानून की दिशा में कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें न्याय मिलना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तथ्यों और सबूतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को प्रदेश के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि युवाओं को अवसर मिलें और हर परिवार के जीवन में खुशहाली आए.