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Monday, 26 October, 2026
होमरिपोर्टखटिक समाज के लिए 21 लाख रुपये, सफाईकर्मियों के बीमा पर भी बोले सैनी

खटिक समाज के लिए 21 लाख रुपये, सफाईकर्मियों के बीमा पर भी बोले सैनी

हरियाणा के सीएम ने पानीपत में खटिक गर्जना सम्मेलन में की घोषणाएं. संत दुर्बलनाथ की जयंती अगले साल राज्यस्तरीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी.

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चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता समाज के आखिरी व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने रविवार को पानीपत में संत दुर्बलनाथ की जयंती पर आयोजित खटिक गर्जना सम्मेलन में खटिक समाज के लिए सार्वजनिक कार्यों के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटिक समाज की मांगों को संबंधित विभागों के जरिए पूरा करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि संत दुर्बलनाथ के नाम पर धर्मशाला बनाने के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. अगले साल संत दुर्बलनाथ की जयंती राज्यस्तरीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी.

सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है. उन्होंने खटिक समाज के साहस और स्वाभिमान की तारीफ करते हुए कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भी समाज के लोगों ने अंग्रेजों का मुकाबला किया था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि एजेंसियों के जरिए काम कर रहे 5,000 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों को संबंधित नगर निकायों के कर्मचारियों की सूची में शामिल किया गया है.

उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की मौत होने पर दुर्घटना बीमा राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का फैसला लिया गया है. इसके अलावा मृतक के परिवार के सदस्य को नौकरी और ग्रेच्युटी देने का भी निर्णय लिया गया है.

सैनी के मुताबिक, हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए 5,500 जवानों में से 604 डीएससी समाज के हैं. सरकार ने छात्रवृत्ति की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है, जिससे रुकी हुई छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये दिए जा रहे हैं. इस योजना के तहत अब तक 2,500 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए सालाना आय की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है. इसके बाद चार लाख और महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है. इन महिलाओं को 1 नवंबर से योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

सैनी ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है. सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है.

उन्होंने बताया कि डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को कक्षा के अनुसार सालाना 8,000 से 12,000 रुपये तक छात्रवृत्ति दी जाती है.

जिन अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये तक है, उन्हें निजी संस्थानों के जरिए उच्च प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए दो बार तक मुफ्त कोचिंग दी जाती है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को हर साल 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता दिया जाता है.

इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार, अखिल भारतीय खटिक समाज के अध्यक्ष एवं सांसद अनिल फिरोजिया,पूर्व सांसद विनोद सोनकर, विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, उत्तराखंड के राज्यमंत्री सुरेंद्र मोंगा, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, हरपाल ढांडा, डॉ. सिप्पी महेन्द्रा व प्रवक्ता राजकुमार कटारिया सहित संगठन के पदाधिकारी और खटिक समाज लोग उपस्थित रहे.

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