रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
इस मोबाइल साइंस लैब का उद्देश्य स्कूली छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, एयरोमॉडलिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कोडिंग और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना है.
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
माननीय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी एवं मंत्रिमंडल के साथियों के साथ आज विधानसभा परिसर से पंडरिया विधायक श्रीमती भावना वोहरा जी की अभिनव पहल 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' के अंतर्गत संचालित निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ग्रामीण अंचलों… pic.twitter.com/eCHjHQARpD
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 15, 2026
यह मुफ्त मोबाइल साइंस लैब भावना समाज सेवी संस्थान की ओर से संचालित की जाएगी. यह संस्था पंडरिया से भाजपा विधायक भावना बोहरा चलाती हैं.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में प्रवेश कर चुकी है. ऐसे समय में यह पहल छात्रों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी.
उन्होंने कहा, “यह बस अपने आप में आधुनिक तकनीकों की एक चलती-फिरती लैब है. इसमें बच्चों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. यह बस मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में जाकर बच्चों को प्रशिक्षण देगी, जिससे उन्हें भविष्य में काफी लाभ मिलेगा.”
भाजपा विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह मोबाइल साइंस लैब खास तौर पर 11वीं-12वीं के छात्रों, शिशु मंदिरों और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है.
उन्होंने बताया कि स्कूलों में 5 दिन का प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा, जिसमें बच्चों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और विज्ञान से जुड़े अन्य आधुनिक विषयों की जानकारी दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे समझ पाएंगे कि AI क्या है, ड्रोन कैसे काम करते हैं, रोबोट कैसे बनाए जाते हैं और उनका इस्तेमाल सर्जरी जैसे कामों में कैसे होता है. इससे खासकर जंगल और ग्रामीण इलाकों के बच्चों को आधुनिक विज्ञान के बारे में नई जानकारी मिलेगी.”
भावना बोहरा ने बताया कि इस योजना के तहत एक कैलेंडर बनाया जाएगा. तय कार्यक्रम के अनुसार मोबाइल लैब हर स्कूल में 5 दिन तक रहेगी और छात्रों को प्रशिक्षण देगी. इसके बाद अगले सप्ताह यह दूसरे स्कूल जाएगी.
उन्होंने कहा कि योजना के अनुसार एक साल में करीब 5,000 से 6,000 छात्रों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.