भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 10,800 करोड़ रुपये से अधिक के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनका उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे, शहरी विकास, सिंचाई और जनकल्याण को मजबूत करना है.
कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों में शहरों के विकास को गति देने के लिए 8,445 करोड़ रुपये की शहरी बुनियादी ढांचा विकास योजना को मंजूरी दी.
रबी विपणन सीजन 2024-25 के दौरान मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत केंद्र सरकार के तय लक्ष्य से अधिक मूंग खरीदने के लिए कैबिनेट ने 1,587 करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त सरकारी गारंटी देने का फैसला किया.
इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक से लिए गए बकाया ऋण के लिए 396 करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त सरकारी गारंटी 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक छह महीने के लिए दी जाएगी. वहीं भारतीय स्टेट बैंक से लिए गए बकाया ऋण के लिए 1,191 करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त सरकारी गारंटी 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक एक साल के लिए मंजूर की गई.
कैबिनेट ने राजगढ़ जिले में कुंडालिया प्रमुख सिंचाई परियोजना को जारी रखने के लिए 245.45 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी. यह परियोजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि में चलेगी.
इस परियोजना के तहत बांध निर्माण और माइक्रो सिंचाई प्रणाली के जरिए राजगढ़ और आगर-मालवा जिलों की 1.39 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य है.
कैबिनेट ने टेक-होम राशन (THR) के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश राज्य आजीविका फोरम से लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने का फैसला भी किया.
अंतरिम व्यवस्था के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से पूरक पोषण आहार की खरीद और आपूर्ति करेगा. साथ ही, केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन आने तक अल्पकालिक टेंडर के जरिए टेक-होम राशन की आपूर्ति जारी रखी जाएगी. नई गाइडलाइन जारी होने के बाद स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी.
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की तीन स्थापना योजनाओं को 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वित्तीय वर्षों के लिए जारी रखने हेतु 521.04 करोड़ रुपये की मंजूरी दी.
इस राशि में विभाग के मुख्यालय के लिए 60.81 करोड़ रुपये, जिला कार्यालयों के लिए 434.81 करोड़ रुपये और क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए 25.42 करोड़ रुपये शामिल हैं. इस धनराशि का उपयोग कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय खर्च, पेशेवर सेवाओं और मशीनों, फर्नीचर तथा वाहनों के रखरखाव पर किया जाएगा.