पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को ‘प्रकृति ही प्रभु है’ थीम पर साइकिल यात्रा कर रही टीम से मुलाकात की और उसका स्वागत किया. बिहार मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुताबिक, यह यात्रा नेपाल के जनकपुर धाम से शुरू हुई है. टीम भारत के कई राज्यों से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून जा रही है.
पर्यावरणविद् पद्म भूषण अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में बिहार पहुंची इस टीम ने पर्यावरण के क्षेत्र में बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कामों की तारीफ की. टीम ने कहा कि बिहार देश में पर्यावरण के क्षेत्र में अनोखे तरीके से काम कर रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा.
‘प्रकृति ही प्रभु है’ के संदेश के साथ प्रकृति संरक्षण के संकल्प को लेकर जनकपुर धाम (नेपाल) से उत्तराखंड तक लगभग 3,000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर पद्म भूषण श्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी जी के नेतृत्व में निकले सदस्यों से लोक सेवक आवास, पटना में मुलाकात की।
जल संरक्षण, पर्यावरण… pic.twitter.com/sGw5Opk9YC
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) October 17, 2026
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं डॉ. अनिल प्रकाश जोशी और टीम के सभी सदस्यों का स्वागत करता हूं. जल संरक्षण, पर्यावरण सुधार, नदियों को फिर से जीवंत बनाने और पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने का संदेश लेकर निकली इस यात्रा के लिए मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं.”
उन्होंने कहा कि बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद बिहार में हरित क्षेत्र केवल 6 प्रतिशत रह गया था. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिवंगत सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों के दौरान बिहार में जल संरक्षण और पौधारोपण का काम तेजी से किया गया.
उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार में हरित क्षेत्र अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है. पहले बिहार में 21 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होती थी, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गई है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन नेपाल से पानी आने के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई.
उन्होंने कहा, “हम गंडक, कोसी और गंगा नदियों के पानी के प्रबंधन के लिए स्थायी योजना पर काम कर रहे हैं. सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच समझौता हो गया है. हम इंद्रपुरी बैराज बनाएंगे और सोन नदी के पानी को फल्गु नदी से जोड़ेंगे.”
चौधरी ने कहा कि बिहार की ग्रामीण सड़कें बहुत अच्छी हैं. सभी घरों तक बिजली पहुंचाई गई है और लोगों को 24 घंटे बिना रुकावट बिजली दी जा रही है. बिहार में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं, लेकिन पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर विकास की रफ्तार को बनाए रखा जा रहा है.
सीएमओ के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ग्रामीण महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रही हैं. 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं. 50 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया गया है और 60 लाख ‘पशु सखी’ तैयार की जा रही हैं. हमारा लक्ष्य 2030 तक बिहार की सभी महिलाओं को हुनरमंद बनाना है. अगर गांव की अर्थव्यवस्था सुधरेगी, तो राज्य की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में इको-टूरिज्म यानी पर्यावरण से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं और उन पर प्रभावी ढंग से काम हो रहा है. बिहार में पानी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए जल प्रबंधन की कार्ययोजना भी तैयार की गई है.
अंत में मुख्यमंत्री ने टीम का स्वागत करते हुए कहा, “हम पर्यावरण और बिहार के विकास से जुड़े आपके सभी सुझावों का स्वागत करते हैं. यह हमारे लिए खुशी की बात है कि आप सभी बिहार आए हैं. हम आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद होने की कामना करते हैं.”