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Sunday, 18 October, 2026
होमरिपोर्टविजयवाड़ा उत्सव में शामिल हुए CM मोहन यादव, बोले- कला और परंपराएं जीवन में भरती हैं उत्साह

विजयवाड़ा उत्सव में शामिल हुए CM मोहन यादव, बोले- कला और परंपराएं जीवन में भरती हैं उत्साह

आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा उत्सव के दौरान दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपराओं की सराहना की, मध्यप्रदेश-आंध्र प्रदेश के हजारों साल पुराने संबंधों का भी जिक्र किया.

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भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात आंध्र प्रदेश में आयोजित विजयवाड़ा उत्सव में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में उत्साह और उमंग भर देती हैं. कार्यक्रम में ‘दक्षिण का वैभव’ थीम पर कलाकारों के अलग-अलग समूहों ने सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी. आंध्र प्रदेश सरकार और टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां कनक दुर्गा और भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी के चरणों में नमन किया. उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा उत्सव का यह दूसरा वर्ष है और इस समय नवरात्रि का पर्व चल रहा है. मां दुर्गा सभी को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा उत्सव का वैभव ऐसा है कि आज भगवान इंद्र भी इसे आशीर्वाद दे रहे हैं. बारिश की बूंदें उत्सव के आनंद और उमंग को और बढ़ा रही हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णा नदी के किनारे बसा विजयवाड़ा विजय की धरती है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वह मध्यप्रदेशवासियों की ओर से हर कार्य में आंध्र प्रदेश की जनता की विजय की कामना करते हैं. उन्होंने मध्यप्रदेशवासियों की ओर से आंध्र प्रदेश के लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने कहा कि विविधता से भरी भारतीय संस्कृति में दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपराएं सभी को रोमांचित करती हैं. देशभर में विजयवाड़ा उत्सव का वैभव बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री ने विजयवाड़ा उत्सव के आयोजकों को भव्य और सफल आयोजन के लिए बधाई दी.

उन्होंने बताया कि विजयवाड़ा उत्सव में 4 से 5 हजार कलाकार अलग-अलग सांस्कृतिक नृत्य और कलाओं की प्रस्तुति दे रहे हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृष्णा नदी के किनारे स्थित यह पर्वतीय क्षेत्र हीरा खनन के लिए भी प्रसिद्ध है. उन्होंने कहा कि बताया जाता है कि यहीं से प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा निकला था, जो बाद में तत्कालीन ब्रिटिश शासकों के हाथों में चला गया. भारत सरकार प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे को वापस भारत लाने के लिए प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा का मैंगो मार्केट देशभर में प्रसिद्ध है. मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश के संबंध हजारों साल पुराने हैं. दोनों राज्य अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और परंपराओं को समृद्ध करते हुए आगे भी एक-दूसरे का सहयोग करते रहेंगे.

मुख्यमंत्री ने विजयवाड़ा उत्सव में मौजूद सभी दर्शकों और श्रद्धालुओं को उज्जैन में बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने मध्यप्रदेश में तीन स्थानों पर चीतों को बसाए जाने और प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा को देखने के लिए भी लोगों को आमंत्रित किया.

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