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Saturday, 22 August, 2026
होमरिपोर्टछत्तीसगढ़: IGKV पेपर लीक मामले में प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, CM विष्णुदेव साय ने की पुष्टि

छत्तीसगढ़: IGKV पेपर लीक मामले में प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, CM विष्णुदेव साय ने की पुष्टि

दुर्ग जिले के एक निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को सरकारी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को पुष्टि की कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

दुर्ग जिले के एक निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को सरकारी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है. अगर किसी और की भी इसमें संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.”

पुलिस ने बताया कि पेपर लीक मामले में पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की और बड़े स्तर पर जांच की.

इससे पहले शनिवार को DCP (क्राइम) स्मृतिरंजनाला ने बताया कि 20 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की ओर से होने वाली BSc एग्रीकल्चर एंटोमोलॉजी की परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुआ था. जांच में पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के भारती कॉलेज से मिला.

उन्होंने कहा, “20 अगस्त को कृषि विश्वविद्यालय में यह मामला सामने आया. परीक्षा नियंत्रक ने एंटोमोलॉजी के प्रश्नपत्र के लीक होने की आशंका की जानकारी दी. मामले को तुरंत गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम बनाई गई. जिन छात्रों को प्रश्नपत्र मिला था, उनसे मिली जानकारी के आधार पर दुर्ग के भारती कॉलेज से इसका कनेक्शन सामने आया. यह कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध है.”

DCP ने आगे बताया, “विश्वविद्यालय का एक प्रोफेसर सीलबंद लिफाफे में विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र लेकर जाने के लिए जिम्मेदार था. उसने लिफाफे के नीचे एक छोटा सा छेद किया और उसमें एंडोस्कोपिक कैमरा डालकर पूरे प्रश्नपत्र को स्कैन किया. इसके बाद उसने 15 सवालों को हाथ से लिखकर उनकी कॉपी तैयार की और इन सवालों को छात्रों को बेच दिया. हमने उन छात्रों तक पहुंच बनाई, जिन्हें प्रश्नपत्र मिला था. कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है—प्रोफेसर और प्रश्नपत्र पाने वाले पांच छात्र.”

उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेशरिया की भूमिका सामने आई. उन्होंने कहा कि आरोपी ने एंडोस्कोपी कैमरे का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र लीक किया.

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में एंडोस्कोपी कैमरा डालकर प्रश्नपत्र की तस्वीरें और जानकारी हासिल की.

जांच में पता चला कि प्रोफेसर को विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र लेने की जिम्मेदारी दी गई थी. उसने सीलबंद लिफाफा लिया, उसके नीचे छोटा सा छेद किया, उसमें एंडोस्कोपी कैमरा डाला और पूरे प्रश्नपत्र को स्कैन किया. इसके बाद उसने उसमें लिखे सवालों को हाथ से लिखा और 15 सवालों की कॉपी तैयार करके छात्रों को बेच दी.

पुलिस ने बताया कि 20 अगस्त को पेपर लीक होने का पता चलने के बाद एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र रद्द कर दिया गया. पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रोफेसर ने इसी तरीके का इस्तेमाल कर 7 अगस्त को एक और पेपर, प्लांट पैथोलॉजी, भी लीक किया था.

आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने प्रश्नपत्र करीब 11,000 रुपये और 12,000 रुपये में बेचा था.

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