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Tuesday, 21 July, 2026
होमरिपोर्टबाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता: CM योगी

बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता: CM योगी

सोमवार को अनियमित बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कम बारिश हुई है, वहां खेती प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके लिए नहरों, जलाशयों, सरकारी नलकूपों और अन्य सिंचाई संसाधनों का पूरा इस्तेमाल किया जाए. साथ ही बोआई और सिंचाई की रियल टाइम निगरानी की जाए.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ हो या सूखा, हर नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसल और लोगों की आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता, तेजी और समन्वय के साथ चलाने के निर्देश दिए.

सोमवार को अनियमित बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कम बारिश हुई है, वहां खेती प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके लिए नहरों, जलाशयों, सरकारी नलकूपों और अन्य सिंचाई संसाधनों का पूरा इस्तेमाल किया जाए. साथ ही बोआई और सिंचाई की रियल टाइम निगरानी की जाए.

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में अगले तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में ताजा और पौष्टिक भोजन, साफ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बच्चों के लिए डेयरी से दूध उपलब्ध कराया जाए. महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां जरूरत हो वहां बड़ी नौकाओं की भी व्यवस्था की जाए और ‘आपदा मित्रों’ की सेवाएं ली जाएं. सभी जिलाधिकारी स्वयं राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करें. NDRF, SDRF, PAC, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य विभाग मिलकर काम करें.

मुख्यमंत्री ने तटबंधों की 24 घंटे निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ अराजक तत्वों से भी सतर्क रहने की जरूरत है. जहां कटान या रिसाव की आशंका हो, वहां तुरंत सुरक्षात्मक कार्रवाई की जाए.

उन्होंने राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखने और हर घंटे मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय तथा संबंधित एजेंसियों को अपडेट भेजने के निर्देश दिए. साथ ही राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर सभी जिलों की स्थिति लगातार अपडेट करने को कहा.

बैठक में बताया गया कि फिलहाल बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर के 42 गांव प्रभावित हैं और 332 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राहत कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियां, 549 मेडिकल टीमें, 55 नाव और मोटरबोट तथा 1,096 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं.

अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाढ़ प्रभावित 44 संवेदनशील जिलों में पहले से तैयारी पूरी कर ली गई है. 1,694 राहत शरणालय, करीब 5.14 लाख लोगों को ठहराने की क्षमता, 910 पशु शरणालय और NDRF, SDRF व PAC की टीमें पहले से तैनात हैं.

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि नदियों का चैनलाइजेशन लगातार जारी रखा जाए, ताकि जल निकासी बेहतर हो. साथ ही आग से गरीब परिवार का घर नष्ट होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर आवास दिया जाए और नगर क्षेत्रों में खुले मैनहोल को तुरंत ढककर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

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