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Tuesday, 16 June, 2026
होमरिपोर्टछत्तीसगढ़: मानसून से पहले अबूझमाड़ में राशन का भंडारण, दूरदराज गांवों तक पहुंचाई जा रही खाद्यान्न सामग्री

छत्तीसगढ़: मानसून से पहले अबूझमाड़ में राशन का भंडारण, दूरदराज गांवों तक पहुंचाई जा रही खाद्यान्न सामग्री

स्थानीय पीडीएस दुकानदार गजेंद्र सिंह नाग ने बताया कि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए पहले से खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण किया गया है.

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कुतुल (छत्तीसगढ़): मानसून के दौरान राशन वितरण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए नारायणपुर प्रशासन ने अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों और ग्राम पंचायतों में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण शुरू कर दिया है.

इस पहल का उद्देश्य उन गांवों में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जहां बारिश के मौसम में नदियों के उफान, खराब सड़क संपर्क और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहुंचना मुश्किल हो जाता है.

नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि राज्य सरकार की पहल के तहत जिले के संवेदनशील ग्राम पंचायतों में तीन महीने का राशन पहले से ही जमा किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार की योजना के अनुसार सभी ग्राम पंचायतों की पीडीएस दुकानों में बारिश के मौसम के लिए तीन महीने का खाद्यान्न अग्रिम रूप से रखा जा रहा है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसून के दौरान गांवों में राशन की कमी न हो. जिले में 14 से अधिक ग्राम पंचायतें और पीडीएस दुकानें ऐसी हैं, जहां बारिश के दौरान संपर्क टूट जाता है.”

कलेक्टर ने बताया कि दूरदराज के गांवों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर सहित विभिन्न साधनों का उपयोग किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “कुछ स्थानों पर ट्रैक्टरों के जरिए खाद्यान्न गांवों तक पहुंचाकर भंडारित किया जा रहा है. हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश के मौसम में सभी लोगों को राशन मिले और उन्हें राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े.”

स्थानीय पीडीएस दुकानदार गजेंद्र सिंह नाग ने बताया कि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए पहले से खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण किया गया है.

उन्होंने कहा, “यह इलाका जंगलों, नदियों, नालों और कठिन पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ है. मानसून के दौरान आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यहां चार महीने का राशन पहले से ही जमा कर लिया गया है. सरकार यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है कि लोगों को समय पर इस योजना का लाभ मिले और उन्हें बिना किसी रुकावट के खाद्यान्न प्राप्त हो सके.”

क्षेत्र के लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि बारिश के मौसम में जब आवागमन मुश्किल हो जाता है, तब यह व्यवस्था उनके लिए काफी राहत देने वाली साबित होगी.

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “तीन महीने का चावल एक साथ मिलना हमारे लिए बहुत फायदेमंद है. दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बारिश के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नदियां उफान पर होती हैं, आवाजाही मुश्किल हो जाती है और राशन लाना चुनौती बन जाता है. ऐसे में अगर तीन महीने का राशन पहले ही मिल जाए तो यह हमारे लिए बहुत मददगार है.”

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