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Wednesday, 5 August, 2026
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मुंबई कार्यक्रम को लेकर अटकलों के बीच थरूर ने कहा—भगवत के साथ मंच नहीं करेंगे साझा

यह अटकल इसलिए तेज़ी से फैली क्योंकि कांग्रेस के RSS के साथ लंबे समय से मतभेद हैं और थरूर कई बार पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग राय भी रख चुके हैं.

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नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लगभग हर दिन हमला बोलने के बीच, मुंबई में एक कार्यक्रम में उसके वरिष्ठ नेता शशि थरूर के हिंदू संगठन के प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा करने की संभावना से सवाल उठना तय था, लेकिन अब थरूर ने इन अटकलों को खत्म कर दिया है. उन्होंने साफ किया कि वह और भागवत दोनों इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे, लेकिन दोनों एक ही मंच पर नहीं होंगे.

यह सफाई तब आई जब छात्रों के लिए नेतृत्व और नागरिक भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम चलाने वाले युवा संगठन IIMUN के कार्यक्रम में थरूर की भागीदारी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए. यह अटकल इसलिए तेजी से फैली क्योंकि कांग्रेस के RSS के साथ लंबे समय से मतभेद हैं और थरूर कई बार पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग राय भी रख चुके हैं. आलोचना का जवाब देते हुए थरूर ने यह भी साफ किया कि कार्यक्रम RSS की ओर से आयोजित नहीं किया जा रहा है और भागवत और उनकी मौजूदगी अलग-अलग दिनों में होगी.

थरूर ने एक्स पर लिखा, “यह RSS की अगुवाई वाला कार्यक्रम नहीं है. यह एक छात्र आंदोलन है, जो छात्रों को संबोधित करने के लिए हर तरह की पृष्ठभूमि वाले शिक्षाविदों और विचार रखने वाले लोगों को बुलाता है. मैं अभिव्यक्ति की आजादी में विश्वास करता हूं और 7 और 8 तारीख को उनके बोर्ड की बैठक और कार्यक्रमों की अध्यक्षता करूंगा. श्री भागवत 6 तारीख को उनसे मिलेंगे, जब मैं संसद के लिए दिल्ली में रहूंगा.”

समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के अनुसार, भागवत 6 अगस्त को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में युवा प्रतिभागियों से बातचीत करेंगे. यह कार्यक्रम IIMUN की 15वीं वर्षगांठ और उसके सालाना चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस की शुरुआत के मौके पर आयोजित किया जा रहा है.

भागवत की भागीदारी को लेकर विपक्षी दलों ने भी राजनीतिक आलोचना की है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने Gen Z और Gen Alpha से जुड़ने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब युवा प्रदर्शनकारियों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा था, तब वे कहां थे.

ठाकरे ने एक्स पर कहा, “अचानक हर कोई जो जेन ज़ी और जेन एल्फा से बातचीत करना चाहता है, और कुछ लोग जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें ‘संस्कृति’ की सीख देने की जिम्मेदारी खुद ले ली है, उन सभी से मेरा सीधा सवाल है…जब उन्हें एके-47, जंग लगी कीलों वाली लाठियों, बिजली का झटका देने वाली बंदूकों और बिजली वाले बैरिकेड्स, आंसू गैस का सामना करना पड़ रहा था और ‘कानून-व्यवस्था’ के नाम पर महिलाओं के साथ बदसलूकी की जा रही थी, तब आप कहां थे?”

उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब युवा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में जाने के दौरान हिरासत में लिए जा रहे थे या गिरफ्तार किए जा रहे थे, तब उन्होंने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया.

हालांकि, संगठन के जरिए युवाओं के साथ बातचीत करने का यह भागवत का पहला मौका नहीं होगा. वह जून में IIMUN के मुख्यालय में आयोजित नेतृत्व विकास सत्रों में शामिल लोगों में से एक थे.

देशभर के 100 से ज्यादा शहरों के स्कूलों और कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 से 19 साल की उम्र के 2,000 से ज्यादा छात्रों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है. भागवत की बातचीत का विषय होगा, ‘दुनिया को एकजुट करने में युवाओं की भूमिका, भारतीय तरीके से’.

6 से 9 अगस्त तक होने वाले चार दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य जेन ज़ी और जेन एल्फा के सदस्यों समेत युवा प्रतिभागियों को अलग-अलग क्षेत्रों के वरिष्ठ लोगों के साथ सीधे बातचीत का मौका देना है.

IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह ने कहा कि यह बातचीत एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के लिए युवाओं की बात सुनने की जरूरत पर जोर दिया. शाह ने कहा, “नेतृत्व का मतलब केवल अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन करना नहीं है, बल्कि उनकी बात सुनना भी है. भारत की यात्रा के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर हमें इस बातचीत की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है.”

एएनआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, उन्होंने आगे कहा, “इस महत्वपूर्ण समय में इस कार्यक्रम को संबोधित करने का हमारा निमंत्रण स्वीकार करने के लिए मैं श्री मोहन भागवत जी का आभारी हूं.”

2011 में शाह द्वारा शुरू किया गया IIMUN खुद को सार्वजनिक मामलों का एक ऐसा मंच बताता है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना है. संगठन का कहना है कि उसके कार्यक्रम अब भारत के 275 शहरों और 40 देशों तक पहुंच चुके हैं.

थरूर का भी IIMUN के साथ लंबे समय से संबंध है और वह इसके सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं. इस बोर्ड में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, उद्योगपति अजय पीरामल, दीपक पारेख और नादिर गोदरेज, फिल्म निर्माता करण जौहर और एथलीट पी.टी. उषा समेत कई अन्य लोग शामिल हैं.

IIMUN के कार्यक्रमों में थरूर और भागवत दोनों की मौजूदगी को लेकर अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन योजना के अनुसार उनके कार्यक्रम एक-दूसरे से नहीं टकराएंगे. भागवत 6 अगस्त को छात्रों से बातचीत करेंगे, जबकि थरूर के अनुसार उस दिन वह संसद के लिए दिल्ली में रहेंगे. कांग्रेस नेता 7 और 8 अगस्त को IIMUN की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करेंगे और उसके कार्यक्रमों में शामिल होंगे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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