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Tuesday, 9 June, 2026
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TMC के बागी सांसदों पर कल्याण बनर्जी का हमला—‘स्पीकर के BJP में जाने वाला पत्र किसी ने नहीं देखा’

ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े टीएमसी सांसद ने साथी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के दावे पर सवाल उठाए, कहा—जो पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.

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नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद कि वह और कम से कम 20 अन्य सांसद औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखेंगे, टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने इसे “अच्छी बात” बताया और कहा कि जिन्हें ममता बनर्जी से शिकायत है, उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए.

लोकसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) कल्याण बनर्जी ने कहा कि दस्तीदार की घोषणा को 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने वह पत्र नहीं देखा है, जिस पर इस कदम का समर्थन करने वाले सांसदों के हस्ताक्षर हों.

मंगलवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में बनर्जी ने कहा, “किसी को नहीं पता कि यह पत्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजा भी गया है या नहीं. किसी ने वह पत्र नहीं देखा. काकोली दस्तीदार सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र क्यों नहीं दिखा रहीं?” टीएमसी नेता के साथ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बर्धमान-दुर्गापुर से लोकसभा सांसद कीर्ति आज़ाद भी मौजूद थे.

बनर्जी ने कहा कि वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि यह पत्र अभी तक लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय तक नहीं पहुंचा है.

उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची का भी हवाला दिया और कहा कि अगर किसी पार्टी का कोई गुट अलग होता है तो उसके पास केवल विलय (मर्जर) का विकल्प होता है. उन्होंने कहा, “इसके लिए भी कम से कम दो-तिहाई पार्टी का विलय होना ज़रूरी है. इसलिए अगर वे अलग होना चाहते हैं तो उनके पास बीजेपी में विलय के अलावा कोई विकल्प नहीं है.”

बनर्जी ने बागी सांसदों को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं का सामना करें.

उन्होंने कहा, “मैं देखना चाहता हूं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद ये सांसद अपने क्षेत्रों में जाकर उन कार्यकर्ताओं का सामना कैसे करेंगे, जिन्होंने उनकी जीत के लिए कड़ी मेहनत की थी. आज उन्हीं कार्यकर्ताओं को बीजेपी के गुंडे उठा रहे हैं और पीट रहे हैं. ये सांसद उन्हें क्या जवाब देंगे? क्या वे कहेंगे कि हम उसी पार्टी में शामिल हो गए हैं, जिसके लोग टीएमसी कार्यकर्ताओं को पीट रहे हैं?”

बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी में टूट बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की योजना का हिस्सा है.

उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दिल्ली में बागी टीएमसी सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं, जबकि शपथ लेने के एक महीने बाद भी बीजेपी मंत्रियों को विभाग नहीं बांटे गए हैं.

पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी से मिली हार के बाद पार्टी में शुरू हुई बगावत के दौरान ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहे कल्याण बनर्जी ने कहा कि काकोली दस्तीदार को सुखेंदु शेखर रे से सीख लेकर अपनी सांसद सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए.

उन्होंने कहा, “लेकिन वह और उनके समर्थक सांसद ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें सत्ता, सुविधाएं और सुरक्षा चाहिए. हमें खुशी है कि वे जा रहे हैं. अच्छा हुआ कि उनका दोहरा चरित्र सामने आ गया.”

उन्होंने आगे कहा, “जो लोग भूपेंद्र यादव के घर उनसे और शुभेंदु अधिकारी से मिलने गए थे, उनका नेता अब नरेंद्र मोदी है. वे अब बीजेपी बन चुके हैं.” टीएमसी आगे क्या कदम उठाएगी, इस सवाल पर बनर्जी ने कहा कि पार्टी राज्य में संघर्ष जारी रखेगी.

उन्होंने कहा, “हम पहले भी मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ चुके हैं. अब हम ममता बनर्जी के नेतृत्व में बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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