नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर “कायरता” का आरोप लगाया. इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की.
X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में गांधी ने कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं और युवा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन आंदोलन को रोक नहीं पाएगी.
उन्होंने कहा, “श्रीमान मोदी, आपको जो करना है कर लीजिए. सारी पुलिस बुला लीजिए: 10,000, 20,000, 50,000, जितने चाहें उतने पुलिसकर्मी बुला लीजिए. सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए. सभी युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए. हम सभी को गिरफ्तार कर लीजिए.”
उन्होंने आगे कहा, “हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं. मेरी बात याद रखिए: हमारे पास पहले से ही वह जानकारी है, जिसकी हमें जरूरत है.”
कांग्रेस नेता ने मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को “इस कहानी के खलनायक” भी बताया. उन्होंने कहा कि इन लोगों को धीरे-धीरे एहसास हो रहा है कि उनके चारों तरफ जगह कम होती जा रही है.
उन्होंने आगे कहा, “हम उस जगह को और कम कर रहे हैं.”
I’ve been fighting Narendra Modi and the RSS for over a decade now. I understand them like you would understand your opponent – inside out, like the back of my hand.
The core characteristic of these people is cowardice.
Narendra Modi, Amit Shah, Mohan Bhagwat, Gyanesh Kumar and… pic.twitter.com/pWgb7y8pbA
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 10, 2026
उन्होंने कहा, “हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं. मेरी बात याद रखिए: हमारे पास पहले से ही वह जानकारी है, जिसकी हमें जरूरत है. हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे. हम भारत के लोगों की आवाज की रक्षा करेंगे. और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में भारत के साथ जो हुआ है, वैसा दोबारा कभी न हो.”
गांधी ने अपने संदेश के आखिर में युवा प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, “मुझे भारत के युवाओं पर गर्व है. प्रदर्शन करते रहिए. हम आपके साथ हैं.”
उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से ‘जंतर मंतर 2.0’ प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली में बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया गया.
3,500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें CJP के पदाधिकारी, पत्रकार, यूट्यूबर, वकील, कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी, ममता की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) समेत विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के पदाधिकारियों सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट उतरने के तुरंत बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया.
यूट्यूब इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया, जबकि CJP के लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया.
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को भी दिल्ली हाट से हिरासत में लिया गया. वहां वे एक प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे.
छात्र संगठनों समेत कई अन्य लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को दूसरे राज्यों में ही हिरासत में लिया जा रहा है या उन्हें उनके घरों में नजरबंद किया जा रहा है.
शनिवार को गांधी कांग्रेस के युवा संपर्क कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के छठे संस्करण में शामिल होने और छात्रों से बातचीत करने के लिए चेन्नई गए थे. कार्यक्रम से पहले उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से भी मुलाकात की.
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