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Saturday, 10 October, 2026
होमदेशCEC के खिलाफ प्रदर्शन में करीब 3,500 लोग हिरासत में, पुलिस बोली—हिरासत ‘24 घंटे तक’ रह सकती है

CEC के खिलाफ प्रदर्शन में करीब 3,500 लोग हिरासत में, पुलिस बोली—हिरासत ‘24 घंटे तक’ रह सकती है

हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के चेहरे, पत्रकार, यूट्यूबर, वकील, कार्यकर्ता और AAP, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और CPI (M) समेत विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं.

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नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से बुलाए गए ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन के बाद करीब 3,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. इन्हें दिल्ली के अलग-अलग तय हिरासत केंद्रों में ले जाया गया है.

हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी के पदाधिकारी, पत्रकार, यूट्यूबर, वकील, कार्यकर्ता और विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं. इनमें आम आदमी पार्टी, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेता भी शामिल हैं.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दिप्रिंट से पुष्टि की कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने और वहां इकट्ठा होने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर हिरासत में लिया जा रहा था.

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर उतरने के कुछ ही समय बाद CJP के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया. उस समय वे अभी विमान के अंदर ही थे. इससे पहले दिन में यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी क्रमशः गुरुग्राम और दिल्ली में हिरासत में लिया गया था.

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को भी दिल्ली हाट से हिरासत में लिया गया. वे वहां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे.

बड़े स्तर पर हिरासत

शनिवार को लुटियंस और सेंट्रल दिल्ली में बड़ी संख्या में बसें तैनात की गई थीं. इनमें वे जेल वैन भी शामिल थीं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर विचाराधीन कैदियों को जेलों और अदालतों के बीच ले जाने के लिए किया जाता है. प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होना शुरू करते ही उन्हें हिरासत में लेने के लिए इन वाहनों का इस्तेमाल किया गया.

सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि CJP के दीपके, दास और रांका को अलग-अलग हिरासत केंद्रों में ले जाया गया है. दीपके को सफदरजंग में रखा गया है.

जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से पूछा गया कि प्रदर्शनकारियों को कितनी देर तक हिरासत में रखा जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि ये एहतियाती हिरासत हैं. ऐसा खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया है, जिसमें बताया गया था कि प्रदर्शनकारी कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकते हैं.

अधिकारी ने कहा, “हिरासत 24 घंटे तक रह सकती है.” उन्होंने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों को सूर्यास्त से पहले छोड़ दिया जाएगा. हालांकि, अगर वे दोबारा इकट्ठा होते हैं, तो उन्हें फिर से हिरासत में लिया जा सकता है.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि अभी तक CJP नेताओं या स्वयंसेवकों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी जरूरी हो. पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को एहतियातन हिरासत में रखा गया है.

जब पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हिरासत में लिए जाने के बारे में खास तौर पर पूछा गया, तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि केवल उन्हीं लोगों को हिरासत में लिया गया है, जो समूहों में इकट्ठा होते, नारे लगाते या प्रदर्शन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते पाए गए.

अधिकारी ने कहा, “हर मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी. अगर कोई मीडिया कर्मी वास्तव में पत्रकारिता का काम करता हुआ पाया जाता है, तो उसे छोड़ दिया जाएगा.”

राजनीतिक नेता हिरासत में

इस बीच, चार पूर्व मुख्यमंत्रियों और कई अन्य राजनीतिक नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी में अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया है.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के अन्य सांसदों को साउथ एवेन्यू बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया. वे वहां धरना दे रहे थे. पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने एक्स पर एक वैन के अंदर से वीडियो शेयर किया. इसके साथ उन्होंने लिखा, “ममता बनर्जी पिछले एक घंटे से 5 टीएमसी सांसदों के साथ इधर-उधर ले जाई जा रही हैं.”

बनर्जी और पार्टी के नेता इससे पहले बस स्टॉप पर पोस्टर और तख्तियां लेकर खड़े थे. इन पर लिखा था, “लोकतंत्र बचाओ, भारत बचाओ”; “EC ने बंगाल को लूटा”; “वोट लूट: बंगाल, बिहार और आगे”, आदि.

AAP और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिया गया. पार्टी के उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया को दिन में पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भी CPI (M) के अन्य सांसदों के साथ हिरासत में लिया गया. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट की और लिखा, “कल्पना कीजिए कि आप विपक्ष से इतने डरे हुए हैं कि दिल्ली पुलिस को निर्वाचित प्रतिनिधियों को हिरासत में लेने और उन्हें सिर्फ चुप रखने के लिए एक घंटे तक गोल-गोल घुमाने के लिए मजबूर कर देते हैं. मोदी की घबराहट यहां साफ दिखाई दे रही है और सच कहूं तो यह इस समय शर्मनाक है. इस तरह की मनमानी कार्रवाई हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर खुला हमला है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं.”

CPI(M) के हिरासत में लिए गए लोगों में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शामिल थे.

AITC ने कहा, “इसके बाद उन्होंने गैरकानूनी तरीके से हमारी चेयरपर्सन और हमारे सांसदों को पुलिस वैन में बैठाया और अब उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जा रहे हैं. क्या आप यह भूल गए हैं कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर व्यक्ति को प्रदर्शन करने का अधिकार है?”

अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने भी दिल्ली में एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया. उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा, “सरकार इतनी डरी हुई इसलिए नहीं है कि हिंसा या सुरक्षा का कोई खतरा है, बल्कि इसलिए कि सरकार को डर है कि इस देश के लोग समझ जाएंगे कि उनके वोट देने का अधिकार उनसे छीना जा रहा है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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