नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ दर्ज मामले में इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से संपर्क किया है.
इस मामले में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का छेड़छाड़ किया गया एक वीडियो शेयर किया गया था. इस वीडियो में कथित तौर पर लावरोव भारत के अंदरूनी मामलों और तेल खरीद को लेकर भारत की आलोचना करते हुए दिख रहे थे. आरोप है कि भूषण ने 3 नवंबर को इस वीडियो को एक टिप्पणी के साथ शेयर किया था.
भूषण की पोस्ट में लिखा था, “रूस के विदेश मंत्री ने भारत को करारा थप्पड़ मारा है. जयशंकर रूस को किस तरह की सलाह दे रहे थे?”
Fake Alert!!! 🚨🚨🚨
The video of the Russian Foreign Minister being used in this post is fake! pic.twitter.com/jpEX6qu19p
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) November 3, 2026
इसके बाद विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पर भूषण की पोस्ट का स्क्रीनशॉट लगाकर उसका फैक्ट चेक जारी किया.
विदेश मंत्रालय की पोस्ट में लिखा था, “इस पोस्ट में इस्तेमाल किया गया रूस के विदेश मंत्री का वीडियो फर्जी है!”
इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “उन्हें एक मनगढ़ंत और डीपफेक वीडियो शेयर करते हुए देखा गया. इससे न सिर्फ भारत की छवि खराब होती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की गलत छवि बनती है.”
इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. दिल्ली पुलिस ने कहा, “3 नवंबर को साइबर गश्त के दौरान पता चला कि सोशल मीडिया हैंडल @thequotesnews ने दावा किया है कि भारत के खिलाफ दिखाए गए रूस के विदेश मंत्री के एक कथित छेड़छाड़ किए गए वीडियो को प्रशांत भूषण के हैंडल @pbhushan1 से शेयर किया गया है.”
दिप्रिंट से बात करते हुए भूषण ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक उन्हें एफआईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. भूषण ने कहा, “मुझे सोशल मीडिया से पता चला कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है.” उन्होंने बताया कि उन्होंने एफआईआर की कॉपी लेने की कोशिश भी नहीं की है, क्योंकि पुलिस ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है.
भूषण ने कहा, “इस समय बीजेपी मेरे खिलाफ कुछ न कुछ कार्रवाई करने के लिए बेताब है. ये मुझे फंसाने के तरीके हैं, लेकिन मैं ऐसे मामलों से परेशान नहीं हूं.”
उन्होंने दिप्रिंट को बताया कि 3 नवंबर को जब उन्हें यह वीडियो मिला, तो उन्होंने सबसे पहले ग्रोक (एक्स का एआई चैटबॉट) से पूछा कि क्या यह वीडियो असली है. भूषण ने कहा, “ग्रोक ने वीडियो को लेकर कोई चेतावनी नहीं दी, इसलिए मैंने इसे एक्स पर शेयर कर दिया. बाद में एक दोस्त ने बताया कि यह वीडियो डीपफेक है. इसके बाद मैंने तुरंत अपनी पोस्ट हटा दी.”
भूषण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के इरादे से जालसाजी करना, ऐसे बयान या गलत जानकारी फैलाना जिससे एक वर्ग या समुदाय दूसरे वर्ग या समुदाय के खिलाफ अपराध करने के लिए उकस सकता है, मानहानि, जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर धोखाधड़ी या बेईमानी से इस्तेमाल करना शामिल है. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून की कई धाराएं भी लगाई गई हैं. इनमें पहचान की चोरी और किसी दूसरे व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, पासवर्ड या पहचान की किसी दूसरी खास जानकारी का धोखाधड़ी या बेईमानी से इस्तेमाल करना शामिल है.
पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम जल्द ही भूषण का बयान दर्ज करेंगे और उनके डिवाइस की जांच करेंगे. टीम इस मामले की जांच कर रही है.”
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