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Tuesday, 28 July, 2026
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‘मोदी जी क्लॉक्ड इट’: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर NDA की ओर से बांसुरी स्वराज ने संभाली कमान

इस बिल पर बहस की अगुवाई के लिए बांसुरी स्वराज को आगे करना इस बात का संकेत है कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए युवा प्रदर्शनों के बाद लाए गए इस बिल पर NDA युवा चेहरों को आगे लाना चाहता है.

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नई दिल्ली: बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को लोकसभा में कहा, “मोदी जी क्लॉक्ड इट”. वह सत्ता पक्ष की ओर से पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर बहस की शुरुआत कर रही थीं.

उन्होंने उंगलियां चटकाते हुए कहा, “जहां कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA सरकार ने नीतियों में खालीपन छोड़ा, अगर मैं Gen Z की भाषा में कहूं, तो मोदी जी ने कर दिखाया और उसका कानूनी समाधान दिया.”

इस बहस की अगुवाई के लिए बांसुरी स्वराज को आगे करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए युवा प्रदर्शनों के बाद लाए गए इस बिल पर NDA युवा नेताओं को आगे लाना चाहता है.

इस विधेयक में पेपर या आंसर-की लीक करने और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव है. इसके अलावा जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स और मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का भी प्रावधान है.

बांसुरी स्वराज ने इस कानून को “बदलाव लाने वाला संशोधन” बताया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ज़रूरत नहीं, बल्कि समय की मांग है.

उन्होंने कहा, “जब किसी प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी होती है, तो सिर्फ उस छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होता. उस मां का भी सपना टूटता है, जो सुबह 4 बजे उठकर अपने बच्चे को गर्म दूध और बादाम देती है. उस पिता की मेहनत भी बेकार जाती है, जो अपनी इच्छाएं छोड़कर बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाता है.”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि पेपर लीक एक जघन्य अपराध है, इसलिए यह संशोधन लाया गया है.

बांसुरी ने कहा, “हमारे जैसे बड़े लोकतंत्र में परीक्षा ही सबसे निष्पक्ष व्यवस्था है. यहां एक मजदूर का बेटा और किसी CEO की बेटी एक ही समय पर बैठकर एक जैसे सवालों का जवाब देते हैं और एक ही पैमाने पर उनका मूल्यांकन होता है. जब इस व्यवस्था से छेड़छाड़ होती है, तो यह बहुत पवित्र भरोसा टूट जाता है.”

उन्होंने “परीक्षा माफिया” और अलग-अलग राज्यों में फैले अपराधियों के नेटवर्क का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बिल में स्पेशल टास्क फोर्स का प्रावधान करके ऐसे मामलों में ज्यूरिस्डिक्शन से जुड़े विवाद खत्म किए जाएंगे.

बांसुरी स्वराज ने बिल के प्रावधानों को विस्तार से बताते हुए कहा कि यह “योग्यता की रक्षा करता है, निष्पक्षता बनाए रखता है और देश के युवाओं के सपनों को सुरक्षित करता है.” उन्होंने कहा कि यह “जवाबदेह मोदी सरकार के अच्छे शासन का नतीजा है.”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को “एग्जाम वॉरियर” बनाया है, “एग्जाम वॉरियर” नहीं. उन्होंने पिछले 12 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों का भी जिक्र किया.

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष यह माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि पेपर लीक की घटनाएं 2014 के बाद ही शुरू हुईं.

इसके बाद उन्होंने 2014 से पहले केंद्र और अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक की वजह से रद्द हुई परीक्षाओं के कई उदाहरण गिनाए.

उन्होंने कहा, “यह ‘व्हाटअबाउटरी’ नहीं है. मैं विपक्ष के चुनिंदा मुद्दों पर ही नाराजगी जताने के रवैये पर सवाल उठा रही हूं. मैं विपक्ष से पूछना चाहती हूं कि अगर यह सिद्धांतों की लड़ाई है, तो सरकार बदलते ही सिद्धांत कैसे बदल जाते हैं? उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात की, लेकिन क्या गौरव गोगोई जी ने पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की?”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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