Saturday, 2 July, 2022
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‘अब कांग्रेस का नेता नहीं हूं’: सिब्बल ने समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्य सभा के लिए भरा नामांकन

सिब्बल ने नामांकन भरने के बाद कहा, 'अब मैं कांग्रेस का नेता नहीं हूं. मैंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है. मैं हमेशा से देश में एक स्वतंत्र आवाज बनना चाहता रहा हूं.'

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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता रहे कपिल सिब्बल ने बुधवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्य सभा के लिए नामांकन भरा. कांग्रेस के जी-23 ग्रुप के अहम नेताओं में शामिल सिब्बल के इस्तीफे से कांग्रेस के भीतर संकट और गहराता दिख रहा है.

सिब्बल के नामांकन भरने के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद राम गोपाल यादव भी मौजूद थे. बता दें कि 4 जुलाई को कपिल सिब्बल का राज्य सभा में कार्यकाल खत्म होने वाला है.

सिब्बल ने नामांकन भरने के बाद कहा, ‘अब मैं कांग्रेस का नेता नहीं हूं. मैंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है. मैं हमेशा से देश में एक स्वतंत्र आवाज बनना चाहता रहा हूं.’

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष में रहकर हम मोदी सरकार के खिलाफ एक गठबंधन बनाना चाहते हैं.’ सिब्बल ने कहा कि उन्होंने 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.

सिब्बल ने कहा, मैं सदन में देश की आवाज उठाऊंगा. मुझे बड़ा अवसर मिला है.’

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सिब्बल के नामांकन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ‘सपा के समर्थन से कपिल सिब्बल राज्य सभा जा रहे हैं. साथ ही दो अन्य व्यक्ति भी सदन में जाएंगे.’

यादव ने कहा, ‘सिब्बल वरिष्ठ वकील हैं. वे संसद में अपनी बात अच्छे से रखते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वो सदन मं सपा और अपनी बात रखेंगे.’

दिप्रिंट ने अपनी खबर में बताया था कि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने भी उनके राज्य सभा में जाने का समर्थन किया था. खान ने कहा था कि ये उनका अधिकार है. गौरतलब है कि सिब्बल ने, भ्रष्टाचार तथा अनेक अन्य आरोपों में लगभग 27 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहे सपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आजम खां को उच्चतम न्यायालय से जमानत दिलवाने में उनके वकील के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

सिब्बल बीते कुछ समय से कांग्रेस में सुधार की मांग उठाते रहे हैं लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं आई थीं.

कपिल सिब्बल 2016 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के लिए चुने गए थे. लेकिन इस समय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के सिर्फ दो विधायक हैं. इसलिए कांग्रेस यूपी से किसी को भी राज्य सभा भेजने की स्थिति में नहीं है जहां 11 राज्य सभा सीटें खाली होने वाली हैं.

उत्तर प्रदेश की 11 राज्य सभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई है. इस चुनाव के लिए मतदान आगामी 10 जून को होगा. प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सपा के 111 सदस्य हैं और वह तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्य सभा भेज सकती है. पार्टी ने फिलहाल सिब्बल को अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है. बाकी दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को लेकर सपा ने अभी खुलासा नहीं किया है.

सिब्बल ने कुछ समय पहले पांच राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी को ‘घर की कांग्रेस’ कहा था और मांग की थी कि पार्टी नेतृत्व को नई योजना बनानी चाहिए.

बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीतिक रणनीतियों पर सलाह देने और 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के लिए तीन समितियों का गठन किया.

इसी महीने 13-15 मई के बीच राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस की तीन दिन की चिंतिन शिविर बैठक हुई थी जिसमें नव संकल्प का वादा किया गया था.


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