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Monday, 12 October, 2026
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INDIA गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SC का रुख किया, राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी शामिल

इस मार्च में अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए.

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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

अपनी याचिका में विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया है. याचिका में किन खास आधारों पर यह कदम उठाया गया है, इसका खुलासा अभी याचिकाकर्ताओं ने नहीं किया है.

याचिका दायर करने वालों में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, CPI(M) के सांसद एमए बेबी, CPI के नेता डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी, NCP (SCP) की सांसद सुप्रिया सुले और ET इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के मोहम्मद बशीर शामिल हैं.

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब INDIA गठबंधन के नेता मध्य दिल्ली से मार्च निकालने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में हिस्सा लिया.

इस मार्च में अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है.”

सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “विपक्ष के सभी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं. हम लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं.”

डी राजा ने कहा, “चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. उसे एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी पक्षपात के काम करने वाली संस्था के रूप में काम करना चाहिए. आज हम देख रहे हैं कि श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग अपने संवैधानिक दायित्व को निभाने में नाकाम रहा है. चुनाव आयोग ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है. लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. इससे पूरे देश में बहुत चिंता पैदा हुई है. INDIA गठबंधन में हमारी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मांग कर रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए. हमने याचिका दायर कर दी है. अब देखते हैं कि सुप्रीम कोर्ट क्या करता है.”

अखिलेश यादव ने अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा.”

कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि CEC के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है.”

अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र तभी “बचा रहेगा, जब बीजेपी को सत्ता से हटा दिया जाएगा.”

नेहा बोरा ने कहा कि लोगों ने लोकतंत्र को नहीं भुलाया है. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए लगाई गई पाबंदियों पर भी सवाल उठाए.

मार्च के दौरान उन्होंने कहा, “लोकतंत्र बिल्कुल ऐसा ही दिखता है. क्या आपको लगता है कि सड़कें बंद करके, मेट्रो स्टेशन बंद करके और ट्रेनें रद्द करके आप लोकतंत्र को आगे बढ़ने से रोक सकते हैं? आप लोकतंत्र को भूल सकते हैं, लेकिन इस देश के वे लोग, जिन्होंने इसके लिए अपना खून बहाया है, लोकतंत्र को नहीं भूले हैं. इसी वजह से हम सड़कों पर उतरे हैं.”

इस मार्च को देखते हुए बैरिकेड लगाए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. INDIA गठबंधन के बैनर तले हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों ने मार्च निकाला.


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