चेन्नई: काफी अटकलों और चर्चा के बाद, कांग्रेस ने आखिरकार तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के साथ हाथ मिलाने का फैसला कर लिया है. यह नई पार्टी सोमवार को नतीजों के बाद तमिलनाडु में बड़ी जीत लेकर आई, लेकिन बहुमत से थोड़ी पीछे रह गई थी. अब कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर टीवीके को सशर्त समर्थन देने का ऐलान किया है.
बुधवार दोपहर जारी बयान में पार्टी ने कहा कि टीवीके प्रमुख सी. विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से औपचारिक रूप से समर्थन मांगा था.
बयान में कहा गया, “तमिलनाडु के लोगों, खासकर युवाओं ने एक साफ, मजबूत और बड़ा जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याण वाली सरकार चाहता है, जो संविधान के सिद्धांतों पर चले. लोगों ने श्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को अगली सरकार बनाने के लिए चुना है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश में धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याण की राजनीति की स्थापना करने वाली पार्टी है. इसलिए यह हमारा संवैधानिक कर्तव्य है कि हम इस जनादेश का सम्मान करें और इसे पूरा करने में मदद करें.”
The President of Tamizhaga Vettri Kazhagam (TVK), Thiru C Vijay, has formally requested the Indian National Congress (INC) to extend its support for forming a government in Tamil Nadu. The people of Tamil Nadu, especially the youth, have delivered a very clear, strong and… pic.twitter.com/Aig79MoRoE
— Tamil Nadu Congress Committee (@INCTamilNadu) May 6, 2026
बयान में कहा गया कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने मिलकर टीवीके को सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन देने का फैसला किया है.
“हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि टीवीके इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को शामिल नहीं करेगी, जो भारत के संविधान पर विश्वास नहीं रखती.”
तमिलनाडु के प्रभारी एआईसीसी सदस्य गिरीश चोडनकर द्वारा साइन किए गए इस बयान में कहा गया कि टीवीके और कांग्रेस का गठबंधन पेरुन्थलैवर कामराज के दौर की तरह तमिलनाडु को फिर से आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा, और पेरियार के सामाजिक न्याय के विचारों और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता रखेगा.
#WATCH | Tamil Nadu Congress President K. Selvaperunthaga and other Congress leaders meet TVK chief Vijay at the TVK Headquarters in Chennai.
Tamil Nadu Congress Committee and the Congress Legislative Party (CLP) has decided to extend its full support to the TVK to form the… pic.twitter.com/lOI44jPg2j
— ANI (@ANI) May 6, 2026
बयान में यह भी कहा गया कि यह गठबंधन भविष्य के स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के लिए भी रहेगा और खासकर युवाओं के सपनों और वादों को पूरा करने का लक्ष्य रखेगा.
कांग्रेस के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने मीडिया से कहा, “पार्टी के सभी स्तरों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन किया जाए, क्योंकि हमें लगता है कि तमिलनाडु के लोग बदलाव चाहते हैं और यह बदलाव टीवीके के नेतृत्व में और धर्मनिरपेक्ष रूप में होना चाहिए.”
उन्होंने कहा, “तमिलनाडु के लोग साफ तौर पर धर्मनिरपेक्ष सरकार चाहते हैं. इसलिए हम सिर्फ टीवीके की मदद कर रहे हैं, ताकि एक स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार बन सके.”
कांग्रेस पहले डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का हिस्सा थी. उसने सोमवार को विधानसभा में 5 सीटें जीतीं.
डीएमके का विरोध
डीएमके नेताओं ने टीवीके के साथ जाने पर कांग्रेस को “पीठ में छुरा घोंपने वाला” बताया और कहा कि पार्टी शुरू से ही टीवीके का समर्थन कर रही थी.
डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने बुधवार को मीडिया से कहा, “शुरू से ही ऐसी बातें चल रही थीं कि कुछ लोग विजय का समर्थन करना चाहते हैं और उनकी पार्टी से जुड़ना चाहते हैं.”
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेताओं ने टीवीके के साथ जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वे सिर्फ जनता के फैसले का सम्मान कर रहे हैं. उन्होंने डीएमके पर आरोप लगाया कि उसकी वजह से कांग्रेस को “साइड इफेक्ट” झेलना पड़ा.
सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने कहा कि जनता का फैसला डीएमके के खिलाफ गया है, जो अब तक सत्ता में थी.
उन्होंने लिखा, “कैबिनेट के आधे मंत्री चुनाव हार गए. हमें बिना गलती के नुकसान हुआ. अब बीजेपी तमिलनाडु पर नज़र लगाए बैठी है. हमारे सामने सवाल साफ है—क्या हम उन लोगों के साथ खड़े हों जिन्हें जनता ने नकार दिया, या उस ताकत के साथ जाएं जिसने बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसे सत्ता में आने से रोक सके?”
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषक इस टीवीके-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सतर्क हैं.
विश्लेषक सुमंथ रामन ने एक्स पर कहा कि डीएमके के साथ लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन से कांग्रेस का अलग होना तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव है. कांग्रेस शायद टीवीके को लंबे समय के साथी के रूप में देख रही है, लेकिन इसमें जोखिम भी है क्योंकि टीवीके अभी नई पार्टी है.
उन्होंने कहा, “अगर टीवीके और कांग्रेस अल्पसंख्यकों की पसंद बन जाते हैं, तो डीएमके के लिए यह बड़ा खतरा होगा. चुनावों में डीएमके गठबंधन को 12-15 प्रतिशत का फायदा अल्पसंख्यक वोट से मिलता था. अगर यह खत्म हुआ, तो उनकी जीत की संभावना काफी कम हो जाएगी.”
उन्होंने आगे कहा, “एआईएडीएमके के लिए भी संकट है. ईपीएस ऐसे नेता बन गए हैं जो युवा वोटर्स को आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं. पार्टी का आईटी विंग भी कमजोर है, जो टीवीके और डीएमके के लिए बहुत अहम है. उनका मजबूत इलाका भी कमजोर हो गया है और ऐसा कोई दूसरा नेता नहीं दिखता जो पार्टी को फिर से मजबूत कर सके.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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