मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के सभी छह बागी लोकसभा सदस्य सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हो गए. इससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में विभाजन औपचारिक हो गया.
वे मुंबई में एक कार्यक्रम में शिंदे और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए. इससे पांच दिन पहले उन्होंने नई दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) की एक अहम संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था. उस बैठक में विपक्षी पार्टी के केवल तीन लोकसभा सांसद मौजूद थे.
शिवसेना (यूबीटी) के जो लोकसभा सांसद अलग होकर शामिल हुए, वे हैं: संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई नॉर्थ ईस्ट), नागेश पाटिल-अष्टिकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजेनिम्बालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी).
उन्होंने 2024 के आम चुनावों में बीजेपी और शिवसेना के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की थी. 2024 में महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) ने कुल नौ लोकसभा सीटें जीती थीं.
पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, “ये लोकसभा सदस्य अब असली शिवसेना में शामिल हो गए हैं, जो स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का पालन करती है. चार साल पहले मैंने एक बड़ा कदम उठाया था और अब मैंने सिक्सर मारा है (यह उन सांसदों की संख्या का संदर्भ है जिन्होंने पाला बदला है).”
उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी (जून 2022 में शिवसेना का विभाजन करके) स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों को बचाने और शिवसेना को बचाने के लिए ऐसा किया था. अब यह कदम (शिवसेना यूबीटी के लोकसभा विंग में बगावत) शिवसेना के विस्तार का दूसरा चरण है.”
शिंदे ने घोषणा की कि “ऑपरेशन टाइगर” अब पूरा हो गया है और सफल रहा है.
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