पटना: भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब सिर्फ जेन जेड तक सीमित नहीं रहा. अब स्कूल के छात्र भी इसमें शामिल हो गए हैं.
उन्होंने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, फीस बढ़ोतरी, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले और छात्र आंदोलनों पर कथित कार्रवाई के खिलाफ चल रहा अभियान अब देशभर का आंदोलन बन गया है, जिसमें नई पीढ़ी बड़ी संख्या में शामिल है.
उन्होंने कहा, “चल रहा छात्र आंदोलन अब सिर्फ जेन जेड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जेन अल्फा के बच्चे भी शामिल हो गए हैं. स्कूल के छात्र भी शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं.”
जेन जेड में आमतौर पर 1990 के दशक के आखिर से लेकर करीब 2010 तक जन्मे लोग शामिल होते हैं. वहीं जेन अल्फा में 2010 से 2024 के बीच जन्मे लोग आते हैं, हालांकि इसकी परिभाषा कुछ जगहों पर थोड़ी अलग हो सकती है.
दीपांकर भट्टाचार्य ने हाल ही में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने भले ही छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा की हो, लेकिन सभी मामले वापस नहीं लिए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है.
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश नाकाम होगी.
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और समाज के मजदूरों तथा दूसरे मेहनतकश वर्गों का भी इसे समर्थन प्राप्त है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि हाल ही में छात्रों को “माफ करने” को लेकर दिया गया उनका वीडियो संदेश, माफी के नाम पर महिला छात्रों के खिलाफ रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक ताकतों को बढ़ावा देता हुआ दिखाई देता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि एक 15 साल की लड़की को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने और शिक्षा व्यवस्था में सार्थक सुधार लाने के लिए नई पीढ़ी के साथ खड़ा होना जरूरी है.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरव, आइसा बिहार के अध्यक्ष धनंजय और अन्य छात्र नेताओं ने भी हिस्सा लिया.
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पटना में हुए प्रदर्शन के संबंध में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए संदीप सौरव ने आरोप लगाया कि देशभर के छात्र और युवा मोदी सरकार की नीतियों से गहरी नाराजगी रखते हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार हैं.
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए खास तौर पर महिला छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है.
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